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मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड प्रभावित 11 जनपदों के नोडल अधिकारियों से संवाद किया, नोडल अधिकारियों को व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश::==पढें विस्तार से खबर
June 19, 2020 • Sun India Tv News चैनल • प्रादेशिक

प्रत्येक जनपद में कोविड-19 टेस्टिंग लैब स्थापित किए जाने की कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश वर्तमान में 01 लाख 01 हजार 236 बेड की संख्या को जून माह के अन्त तक डेढ़ लाख तक किए जाने के लक्ष्य को पूरा किया जाए प्रत्येक स्तर पर कोविड हेल्प डेस्क और वहां पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश

हर जनपद में कोविड-19 प्रोटोकाॅल के सम्बन्ध में व्यापक स्तर पर जागरूकता बढ़ायी जाए रात्रि 09 बजे से प्रातः 05 बजे तक लाॅकडाउन का सख्ती से पालन किया जाएमुख्यमंत्री ने नोडल अधिकारियों से वहां के कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति और उससे बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की

लखनऊ: 18 जून, 2020

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रत्येक जनपद में कोविड-19 टेस्टिंग लैब स्थापित किए जाने की कार्य योजना प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 01 लाख 01 हजार 236 बेड की संख्या को जून माह के अन्त तक डेढ़ लाख तक स्थापित किए जाने के लक्ष्य को पूरा किया जाए। किसी भी रोगी को कोविड या नाॅन-कोविड हाॅस्पिटल में पहुंचने पर जांच के सम्बन्ध में प्रतीक्षा न करना पड़े। उसकी मेडिकल स्क्रीनिंग के प्रबन्ध 15 से 30 मिनट के भीतर सुनिश्चित करते हुए आगे की कार्यवाही की जाए। उन्हांेंने प्रत्येक स्तर पी0एच0सी0, सी0एच0सी0, जिला अस्पताल तथा अन्य सम्बन्धित चिकित्सा संस्थानों में कोविड हेल्प डेस्क और वहां पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोविड प्रभावित 11 जनपदों-गौतमबुद्धनगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, अलीगढ़, मुरादाबाद, बुलन्दशहर, झांसी तथा बस्ती के नोडल अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने नोडल अधिकारियों से वहां के कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति और उससे बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री जी ने इन सभी नोडल अधिकारियों को अपने-अपने जनपदों में आगामी रविवार तक रुककर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि वे सभी अपनी रिपोर्ट से शासन को अवगत कराएं। उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर स्वास्थ्य व चिकित्सा तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग समन्वय बनाते हुए समयबद्ध ढंग से कार्यवाही सुनिश्चित करे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अधिकारियों ने कोविड संक्रमण के विरुद्ध संघर्ष में अच्छा कार्य किया है, किन्तु अभी भी सजगता व सतर्कता के साथ कार्य किया जाना है। उन्होंने कहा कि सर्विलांस सिस्टम को मजबूत बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आयुष चिकित्सकों की ट्रेनिंग कराते हुए एल-1 कोविड हाॅस्पिटल में उनकी सेवाएं लिए जाने पर भी कार्यवाही की जाए। कोविड हाॅस्पिटल में हर हाल में सी0सी0टी0वी0 कैमरे स्थापित हों और वे क्रियाशील रहें। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आशा वर्कर के साथ-साथ आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों को भी शामिल करते हुए टेªनिंग कार्य को निरन्तर आगे बढ़ाया जाए। सिविल डिफेंस, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0, युवक मंगल दल तथा अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से भी सर्विलांस कार्य को आगे बढ़ाया जाए। निगरानी समितियां निरन्तर सक्रिय रहें। हर जनपद में कोविड-19 प्रोटोकाॅल के सम्बन्ध में व्यापक स्तर पर जागरूकता बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग इस सम्बन्ध में कार्यवाही करे। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा समय पर रोगी को उपलब्ध हो। मानक के अनुसार एम्बुलेंस में आॅक्सीजन तथा वेण्टीलेटर की भी सुविधा क्रियाशील रहे। आर0टी0पी0सी0आर0 मशीन की पूरी क्षमता के साथ टेस्टिंग कार्य को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि डेडीकेटेड कोविड हाॅस्पिटल में बेड्स पूरी सुविधाओं के साथ उपलब्ध हों। प्रत्येक जनपद में एल-1 व एल-2 के अस्पताल उपलब्ध हैं। साथ ही, उनमें आॅक्सीजन तथा वेण्टीलेटर की सुविधा भी उपलब्ध है। वेण्टीलेटर की क्रियाशीलता के सम्बन्ध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मृत्यु की स्थिति में परिजनों को शव के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े। उन्हें कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए शव उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मास्क या फेस कवर अनिवार्य है। इसका अनुपालन सुनिश्चित हो। किसी भी जगह पर भीड़ एकत्रित न हो। ट्रैफिक रूल्स का पालन हो। इस सम्बन्ध में रैण्डम चेकिंग करते हुए प्रभावी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि रात्रि 09 बजे से प्रातः 05 बजे तक लाॅकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए। प्रत्येक जनपद में पब्लिक एड्रेस सिस्टम को सुदृढ़ करते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। जनपदों में व्यापक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी पेट्रोलिंग सुनिश्चित करें। हर स्तर पर कोविड-19 संक्रमण का रोका जाना जरूरी है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना संक्रमण के खिलाफ राज्य सरकार ने योजनाबद्ध ढंग से कार्य करते हुए माह मार्च से ही कार्यवाही की है। जनता कफ्र्यू के बाद 16 जनपदों में लाॅकडाउन किया गया और उसके उपरान्त 25 मार्च, 2020 से पूरे प्रदेश में 04 चरणों में लाॅकडाउन की व्यवस्था का अनुपालन किया गया। अभी कोरोना के खिलाफ यह संघर्ष आगे भी जारी रहना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरता जाना उचित नहीं होगा। 

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक श्री एच0सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने जनपद सुल्तानपुर एवं लखनऊ में आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त कियादिवंगतों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देशजनपद लखनऊ में आकाशीय बिजली की दुर्घटना में घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था करने तथा पशु हानि के लिए पीड़ितों को अनुमन्य वित्तीय मदद उपलब्ध कराने के निर्देश

लखनऊ: 18 जून, 2020

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद सुल्तानपुर एवं लखनऊ में आकाशीय बिजली से हुई जनहानि पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगतों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की राहत राशि तत्काल वितरित किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री जी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने जनपद लखनऊ में आकाशीय बिजली की दुर्घटना में घायलों की समुचित चिकित्सा व्यवस्था के प्रबन्ध भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यहां आकाशीय बिजली की दुर्घटना में हुई पशु हानि के लिए पीड़ितों को अनुमन्य वित्तीय मदद उपलब्ध करायी जाए