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मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय  द्वारा तैयार किए गये ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया,प्रदेश में सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए: मुख्यमंत्री
May 8, 2020 • Sun India Tv News चैनल • प्रादेशिक

प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की प्रदेश में सकुशल वापसी तथा प्रदेश में निवासित दूसरे राज्यों के कामगारों/श्रमिकों की सम्बन्धित राज्य में सकुशल वापसी के लिए बेहतर संवाद को आगे बढ़ाया जाए उ0प्र0 में विभिन्न राज्यों से प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर सर्वाधिक ट्रेनें पहुंचीं सभी 75 जनपदों में जिलाधिकारियों को सहयोग प्रदान करने के लिए नामित आई0ए0एस0 तथा वरिष्ठ पी0सी0एस0 अधिकारियों से नियमित संवाद रखा जाए

 
प्रत्येक जनपद में क्षेत्र चयनित करते हुए सभी उपलब्ध फायर वाहनों से सेनिटाइज़ेशन कराने के निर्देश राज्य सरकार द्वारा कोविड एवं नाॅन-कोविड अस्पतालों को अलग-अलग स्थापित किये जाने से प्रदेश में कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण लगा
 
सभी जनपदों के चिकित्सालयों में आवश्यक मेडिकल संसाधनों की नियमित उपलब्धता बनी रहे मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना मरीजों का अध्ययन कर रोगियों की केस हिस्ट्री तैयार करने के निर्देश भूसा बैंक के स्थापना कार्य को गति दी जाए
 
उद्योग-धन्धों के सुगम संचालन के उद्देश्य से सेक्टोरल नीतियों का आवश्यकतानुसार सरलीकरण पूरी पारदर्शिता से किया जाए
 
लखनऊ: 08 मई, 2020
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि प्रदेश में सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की प्रदेश में सकुशल वापसी तथा प्रदेश में निवासित दूसरे राज्यों के कामगारों/श्रमिकों की सम्बन्धित राज्य में सकुशल वापसी के लिए बेहतर संवाद को आगे बढ़ाया जाए। 
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने निर्देश दिए कि लाॅकडाउन को पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए। सोशल डिस्टेंसिंग का प्रत्येक दशा में पालन सुनिश्चित कराया जाए। हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में स्वास्थ्य, सेनिटाइजेशन तथा डोर स्टेप डिलीवरी टीमों के अतिरिक्त कोई अन्य न जाने पाए। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की प्रदेश में सुरक्षित वापसी के लिए कार्य कर रही है। इसके लिए सम्बन्धित राज्य सरकारों से ऐसे प्रवासियों की सूची प्राप्त की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी अवैध रूप से प्रदेश में न आने पाए। 
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि विभिन्न राज्यों से वापस आ रहे प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की जनपदवार सूची सम्बन्धित जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में विभिन्न राज्यों से प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर सर्वाधिक ट्रेनें पहुंचीं हैं। रेल यात्रा के पश्चात प्रवासियों कोे उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए परिवहन निगम की बस का प्रयोग किया जाए। बाहर से आने वालों के लिए संचालित क्वारंटीन सेन्टर/आश्रय स्थल पर स्वच्छता व सुरक्षा के पर्याप्त प्रबन्ध किए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में अव्यवस्था न उत्पन्न हो। कम्युनिटी किचन के माध्यम से गुणवत्तायुक्त एवं भरपेट भोजन की प्रभावी व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी 75 जनपदों में जिलाधिकारियों को सहयोग प्रदान करने के लिए आई0ए0एस0 तथा वरिष्ठ पी0सी0एस0 अधिकारी नामित किए गए हैं। इन अधिकारियों से नियमित संवाद रखा जाए। उन्होंने विदेश से आ रहे लोगों की स्क्रीनिंग कर क्वारंटीन सेन्टर में रखे जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विभिन्न राज्यों के प्रदेश में निवासित प्रवासियों की सम्बन्धित राज्य में वापसी तथा अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के लोगों की वापसी के लिए भी राज्य सरकार कार्य कर रही हैं। अन्य राज्यों से प्रदेश वापस लौटने के इच्छुक लोगों तथा यहां से सम्बन्धित राज्य को प्रस्थान करने के इच्छुक लोगों के लिए जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई पंजीयन व्यवस्था का अच्छा रिस्पाॅन्स प्राप्त हो रहा है। इस सम्बन्ध में प्रभावी अगे्रतर कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कोविड एवं नाॅन-कोविड अस्पतालों को अलग-अलग स्थापित किया गया। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में कोविड-19 पर प्रभावी नियंत्रण लगा है। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कोरोना मरीजों का अध्ययन करते हुए रोगियों की केस हिस्ट्री तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के लिए पूल टेस्टिंग प्रक्रिया को सतत जारी रखा जाए। संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय अपनाते हुए अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं का संचालन किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों के चिकित्सालयों में आवश्यक मेडिकल संसाधनों की नियमित उपलब्धता बनी रहे। उन्होंने प्रत्येक जनपद में क्षेत्र चयनित करते हुए सभी उपलब्ध फायर वाहनों से सेनिटाइज़ेशन कराने के निर्देश दिये।
बैठक में अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री जी के एल-1, एल-2 तथा एल-3 डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार करके 52 हजार बेड की व्यवस्था किये जाने के निर्देशों के क्रम में आज तक 48 हजार बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। कल तक 52 हजार बेड की व्यवस्था कर ली जाएगी। इसके अलावा, प्रत्येक जनपद में वेंटिलेटर युक्त बेड की व्यवस्था भी हो चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निराश्रित गौवंश के संरक्षण के लिए स्थापित गौ आश्रय स्थलों में चारे की व्यवस्था के लिए भूसा बैंक के स्थापना कार्य को गति दी जाए। गौ आश्रय स्थलों में रोजगार की सम्भावनाएं हैं। इसलिए प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार सुलभ कराने के लिए इन्हें गौ आश्रय स्थलों से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि उद्योग धन्धों के सुगम संचालन के उद्देश्य से आवश्यकतानुसार सेक्टोरल नीतियों का सरलीकरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल तथा श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्रीमती निवेदिता शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
 
 
मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गये ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया यह एप यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के सहयोग से विकसित एप का उद्देश्य प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं उनके कौशल के लायक नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग के लिए डेटा कलेक्शन करना
 
लखनऊ: 08 मई, 2020
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां लोक भवन में राजस्व विभाग के राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार किए गये ‘प्रवासी राहत मित्र एप’ का लोकार्पण किया। यह एप यू0एन0डी0पी0 (यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम) के सहयोग से विकसित किया गया है।
इस एप का उद्देश्य अन्य प्रदेशों से उत्तर प्रदेश में आने वाले प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग करने हेतु इन प्रवासी नागरिकों का डेटा कलेक्शन करना है। सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपस मंे सूचना का आदान-प्रदान कर इन प्रवासी नागरिकों के रोजगार एवं आजीविका हेतु नियोजन एवं कार्यक्रम बनाने में मदद मिलेगी।
इस एप के द्वारा, आश्रय केन्द्र में रुके हुए व्यक्तियों एवं किसी भी कारणवश अन्य प्रदेशों से सीधे अपने घरों को पहुंचने वाले प्रवासी व्यक्तियों का पूरा विवरण लिया जायेगा ताकि उत्तर प्रदेश में आने वाले कोई भी प्रवासी छूट न पाए। एप में व्यक्ति की मूलभूत जानकारी जैसे कि नाम, शैक्षिक योग्यता, अनुभव, अस्थायी और स्थायी पता, बैंक अकाउंट विवरण, कोविड-19 सम्बन्धी स्क्रीनिंग की स्थिति, 65 से भी ज्यादा प्रकार के कौशल का विवरण एकत्र किया जायेगा। अन्य राज्यों से प्रदेश में आ रहे प्रवासी नागरिकों को दी जाने वाली राशन किट के वितरण की स्थिति भी एप में दर्ज की जायेगी।
इस एप मे डाटा डुप्लीकेशन न हो, इसके लिये यूनीक मोबाइल नम्बर को आधार बनाया जायेगा। इस एप की एक अन्य विशेषता यह भी है कि इसमें आॅनलाइन के साथ-साथ आॅफलाइन भी काम कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रभावी निर्णय लेने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों के डेटा को भी एप में अलग-अलग किया जा सकता है।
डेटा संग्रह का कार्य शीघ्र सम्पादित हो सके, इसके लिये विकेन्द्रीकृत स्तर पर यथा आश्रय स्थल, ट्रांजिट पाॅइंट, व्यक्ति के निवास स्थान पर डेटा संग्रह किया जायेगा। जिलाधिकारी के नेतृत्व में डेटा संग्रह की जिम्मेदारी शहरी क्षेत्र में नगर विकास विभाग/नगर निकाय की तथा ग्रामीण क्षेत्र में सी0डी0ओ0/पंचायती राज विभाग की होगी। एप के माध्यम से संग्रहित डेटा को राज्य स्तर पर स्थापित इंटीग्रेटेड इन्फाॅर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम ;ूूूण्तंींजनचण्पदद्ध पर स्टोर किया जायेगा तथा इसका विश्लेषण कर प्रवासी नागरिकों को सरकारी योजना का लाभ, उनके स्वास्थ्य की निगरानी एवं विशेष कर उनके कौशल के लायक भविष्य में नौकरी एवं आजीविका प्रदान करने में सहयोग किया जायेगा।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल तथा श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद श्रीमती निवेदित शुक्ला वर्मा, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डाॅ0 देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री भुवनेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।