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मुख्यमंत्री ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान  संस्थान का आकस्मिक निरीक्ष कर चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को अस्पतालों व मेडिकल काॅलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए:::==--क्या निर्देश दिए
May 27, 2020 • Sun India Tv News चैनल • प्रादेशिक

व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, जनता से सीधा फीडबैक प्राप्त करते हुए कार्यों की हकीकत को मौके पर परखने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएं

लाॅकडाउन को सफल बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक समस्त जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों से नियमित संवाद कायम रखंेकामगारों/श्रमिकों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर इनके राशन कार्ड बनाए जाएंयदि किसी कामगार/श्रमिक का बैंक खाता निष्क्रिय हो गया हो तो प्रशासन ऐसे बैंक खातों को अविलम्ब सक्रिय कराएं, ताकि ऐसे कामगारों/श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते की धनराशि मिल सके

निगरानी समितियों को सक्षम बनाने पर बल, यह समितियां घरेलू तथा राजस्व सम्बन्धी विवादों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकतीं किसी भी कोविड अस्पताल में बेड की संख्या 100 से कम न हों पुलिस, पी0ए0सी0, फायर सर्विस तथा रेलवे पुलिस के कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं

भूसा बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा पशुओं की ईयर टैगिंग कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देशटिड्डी दल से बचाव के सभी प्रबन्ध किए जाएं तथा लोगों को जागरूक किया जाए भविष्य में जब भी नियमित ट्रेन सेवा प्रारम्भ होगी, तब यात्रियों की स्कैनिंग करने के लिए कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए

अभी तक विभिन्न राज्यों से कामगारों/श्रमिकों को लेकर 1337 ट्रेनें प्रदेश आयीं, 104 ट्रेनें रास्ते में208 ट्रेनों को रिसीव करके गोरखपुर रेलवे स्टेशन पूरे देश में सर्वाधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रिसीव करने वाला स्टेशन बना

लखनऊ: 27 मई, 2020

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री को अस्पतालों व मेडिकल काॅलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, जनता से सीधा फीडबैक प्राप्त करते हुए कार्यों की हकीकत को मौके पर परखने के लिए औचक निरीक्षण किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने बताया कि उन्होंने आज यहां डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने आमजन से संवाद स्थापित करते हुए अस्पताल की सेवाओं की जानकारी प्राप्त की तथा चिकित्सकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के कार्य को राज्य सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण से निपटने के लिए और गति प्रदान की है। विभिन्न श्रेणी के कोविड अस्पतालों की स्थापना, वहां डाॅक्टरों सहित हर स्तर के प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की उपलब्धता, दवा एवं संक्रमण से बचाव वाले उपकरणों की व्यवस्था के साथ-साथ अन्य रोगियों के लिए टेलीमेडिसिन के द्वारा चिकित्सीय परामर्श तथा इमरजेंसी सेवाआंे का संचालन कराया जा रहा है। उन्होंने इन समस्त व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभागों तथा प्रशासन को टीम भावना के साथ समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।  

 नियमित संवाद व सम्पर्क के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लाॅकडाउन को सफल बनाए रखने के लिए मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक समस्त जिलाधिकारियों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों से नियमित संवाद कायम रखंे। उन्होंने ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में सेनिटाइजेशन कार्य को सतत् जारी रखने के निर्देश भी दिए। 

 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि केन्द्र के सहयोग से प्रदेश सरकार विभिन्न राज्यों से कामगारों/श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक प्रदेश वापसी सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश आने वाले समस्त कामगारों/श्रमिकों की स्क्रीनिंग करते हुए इन्हें क्वारंटीन सेन्टर अथवा होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। क्वारंटीन सेन्टर तथा शेल्टर होम में स्वच्छता और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कामगारों/श्रमिकों सहित सभी जरूरतमंदों को कम्युनिटी किचन के द्वारा शुद्ध एवं भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए। क्वारंटीन सेन्टर में कामगारों/श्रमिकों की स्किल मैपिंग करते हुए उनका मोबाइल नम्बर एवं बैंक खाता संख्या सहित सम्पूर्ण विवरण संकलित किया जाए, जिससे इन्हें रोजगार प्रदान करने में सुविधा होगी। 

 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होम क्वारंटीन के लिए घर जाने वाले कामगारों/श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराई जाए तथा होम क्वारंटीन के दौरान इन्हें एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता अवश्य उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी कामगार/श्रमिक का बैंक खाता किन्हीं कारणों से निष्क्रिय हो गया हो तो प्रशासन सम्बन्धित बैंक शाखा से सम्पर्क करते हुए ऐसे बैंक खातों को अविलम्ब सक्रिय कराएं, ताकि ऐसे कामगारों/श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ते की धनराशि मिल सके। 

 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होम क्वारंटीन व्यवस्था की सफलता के लिए निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए तथा इनके द्वारा किए जा रहे सर्विलांस कार्य का फीडबैक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त किया जाए। उन्होंने निगरानी समितियों को सक्षम बनाने पर बल देते हुए कहा कि यह समितियां घरेलू तथा राजस्व सम्बन्धी विवादों को हल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन द्वारा 44 हजार ग्राम प्रधानों से संवाद किया गया। 

 मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि 01 जून, 2020 से प्रारम्भ हो रहे खाद्यान्न वितरण अभियान के अगले चरण की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों से प्रदेश वापस लौटे कामगारों/श्रमिकों को नियमित खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए इनके राशन कार्ड बनाए जाएं। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद परिवारों को अनिवार्य रूप से खाद्यान्न उपलब्ध हो।

 मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में बेड की संख्या को इस माह के अन्त तक बढ़ाकर एक लाख बेड कर लिया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कोविड अस्पताल में बेड की संख्या 100 से कम न हों। पुलिस, पी0ए0सी0, फायर सर्विस तथा रेलवे पुलिस के कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। चिकित्साकर्मियों को मेडिकल इंफेक्शन से बचाने के उद्देश्य से उनका प्रशिक्षण कार्य निरन्तर संचालित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जनपद के सभी कोविड चिकित्सालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के किसानों को उपज का उचित व लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार द्वारा गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई है। मूल्य समर्थन योजना के तहत गेहूं क्रय केन्द्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने गेहूं खरीद कार्य को तेजी से सम्पन्न करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाए। उन्होंने निराश्रित गौ-वंश के लिए स्थापित गौ-आश्रय स्थलों के लिए भूसा बैंक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा पशुओं की ईयर टैगिंग कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए बचाव के सभी प्रबन्ध किए जाएं तथा लोगों को इस सम्बन्ध में जागरूक भी किया जाए।

 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भविष्य में जब भी नियमित ट्रेन सेवा प्रारम्भ होगी, तब यात्रियों की स्कैनिंग करने के लिए कार्ययोजना अभी से तैयार कर ली जाए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी को यह अवगत कराया गया कि अभी तक विभिन्न राज्यों से कामगारों/श्रमिकों को लेकर 1337 ट्रेनें प्रदेश आ चुकी हैं तथा 104 ट्रेनें रास्ते में हैं। उन्हें यह भी अवगत कराया गया कि गोरखपुर मंे कामगारों/श्रमिकों को लेकर अब तक 208 ट्रेनें आ चुकी हैं। इस प्रकार गोरखपुर रेलवे स्टेशन पूरे देश में सर्वाधिक श्रमिक स्पेशल ट्रेन रिसीव करने वाला स्टेशन बन गया है।

 इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश खन्ना, स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त श्री आलोक टण्डन, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल तथा श्री संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायतीराज श्री मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव कृषि श्री देवेश चतुर्वेदी, सचिव मुख्यमंत्री श्री आलोक कुमार, सूचना निदेशक श्री शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे l