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महामहिम राज्यपाल जी ने एकेटीयू के कुलपति के तीन साल पुराने मनीष कुमार कंप्यूटर ऑपरेटर के बर्खास्तगी के आदेश को किया निरस्त::-
October 30, 2019 • Sun India Tv News चैनल

महामहिम राज्यपाल जी ने एकेटीयू के कुलपति के तीन साल पुराने आदेश दिनांक 20/05/16 को निरस्त कर दिया है |

ज्ञात हो कि एकेटीयू कुलपति विनय पाठक के द्वारा नियमों दरकिनार करते हुए बिना जाँच के  मनीष कुमार जो कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे को बिना जाँच के एक आरोप के आधार पर आधे घंटे के अंदर सेवा से पृथक कर दिया था माननीय न्यायालय के द्वारा मनीष कुमार के ऊपर लगे आरोप को खारिज कर दिया गया माननीय उच्चन्यायालय ने भी माना था कि मनीष कुमार के साथ "नैसर्गिक न्याय" नहीं किया गया है और मनीष कुमार को दोषमुक्त कर दिया गया।

जिसके उसके उपरांत महामहीम राज्यपाल ने कुलपति के इस आदेश को निरस्त कर दिया है इसी के साथ 72 विनिमिति कर्मचारियों की जाँच मे भी विश्वविद्यालय के अधिकारियों से बराबर अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा है जिसे वो उपलब्ध नहीं करा पाये हैं जिसमें काफी धांधली की गई शासन ने अपनी जाँच मे इस बात की पुस्टि कर चुका है कि सभी आरोप सही है | इस प्रकरण में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति के संज्ञान लेते हुए शासन मे दो सालों से जाँच लम्बित है माननीय आयोग ने जिसमें उन्होंने राजभवन और प्राविधिक शिक्षा विभाग को दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए कहा है |

एकेटीयू कर्मी  की तीन सालों के बाद राज्यभवन द्वारा बहाली और माननीय न्यायालय द्वारा दोषमुक्त साथ ही शासन द्वारा विनिमितिकरण मे धांधली के आरोपों की पुष्टि से विश्वविद्यालय के अधिकारियों पर आरोप तय साबित हो सकते हैं| महामहीम राज्यपाल जी के द्वारा कुलपति के आदेश को निरस्त किया जाना और प्राविधिक शिक्षा विभाग की जाँच मे विश्वविद्यालय पर लगायें गए आरोपों में सत्यता से विश्वविद्यालय के अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही हैं |