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लखनऊ ब्रेकिंग:कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बुलाई बैठक:::---
November 20, 2019 • Sun India Tv News चैनल • जनपदीय

आज दिनांक 20-11-2019 को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश द्वारा जिला पर्यावरण समिति की बैठक आहूत की गई। जिसमें मुख्य विकास अधिकारी श्री मनीष बंसल,  डॉ रवि कुमार सिंह प्रभागीय वन अधिकारी अवध वन प्रभाग, लखनऊ विकास प्राधिकरण, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, कृषि विभाग, जिला आपूर्ति विभाग आदि के अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस बैठक में मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी शासनादेश दिनांक 14 जून 2019 के क्रम में लखनऊ जनपद से संबंधित गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त करने हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का संचालन डॉ रवि कुमार सिंह प्रभागीय वन अधिकारी अवध वन प्रभाग लखनऊ द्वारा किया गया। जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा गोमती नदी में गिर रहे 30 नालों पर वारमैश व जाली लगाने हेतु नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए।
 
       जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तावित डिफेंस एक्सपो कार्यक्रम के स्थल की पूर्ण तैयारी व प्रदूषण मुक्त रखने हेतु सिंचाई विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह गोमती नदी में गिर रहे समस्त नालो व आर0ओ0बी0 की मरम्मत कराते हुए ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था कराएं। गोमती नदी के दोनों तरफ 175 मीटर तक किसी भी प्रकार के कूड़ा, अपशिष्ट की डंपिंग व निर्माण कार्य को प्रतिबंधित किए जाने हेतु समिति द्वारा निर्माण का एजेंसी लखनऊ विकास प्राधिकरण व नगर निगम को निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा जनपद लखनऊ के एयर क्वालिटी इंडेक्स 216 आने पर संतोष जाहिर करते हुए क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अपेक्षा की गई कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में भी एयर क्वालिटी इंडेक्स जांच करा लें।

       लखनऊ प्राणी उद्यान पर्यावरणीय संतुलन व रह रहे वन्यजीवों के अनुकूल परिवेश हेतु भी समिति द्वारा अध्ययन कर रिपोर्ट बनाए जाने पर चर्चा की गई, जिस हेतु निदेशक प्राणी उद्यान लखनऊ को अवगत कराने हेतु कहा गया। बैठक में लखनऊ के अंतर्गत कूड़ा डंपिंग साइट को चिन्हित करते हुए उपलब्ध भूमि पर विशिष्ट वृक्षारोपण किए जाने हेतु परियोजना का प्रस्तुतीकरण प्रभागीय वन अधिकारी अवध वन प्रभाग लखनऊ द्वारा किया गया जिसमें एनबीआरआई, केजीएमयू, टी एस ए के वैज्ञानिकों द्वारा भी अपना तकनीकी सुझाव दिया गया।