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कल से शुरू होने वाली मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले छात्र/छात्राओं को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने दी शुभकामनाएं:::--
February 24, 2020 • Sun India Tv News चैनल • प्रादेशिक

सेकेण्डरी की परीक्षा में प्रश्न पत्रों की संख्या 06 तथा सीनियर सेकेण्डरी की परीक्षा में प्रश्न पत्रों की संख्या 05 की गयी:::--नन्दगोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘

अन्य बोर्डों के साथ उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाएं भी,समय से सम्पादित हो रही हैं::-‘नन्दी‘
 लखनऊः 24फरवरी,2020
उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज, राजनैतिक पेंशन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री, श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी‘ ने कल 25 फरवरी, 2020 से शुरू होने वाली मदरसा शिक्ष़्ाा परिषद की परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने बताया कि उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष-2020 की परीक्षायें 25 फरवरी, 2020 से प्रारम्भ होकर 05 मार्च, 2020 तक सम्पन्न होंगी। इस वर्ष परीक्षा प्रदेश के 557 परीक्षा केन्द्रों पर दोनों पालियों में होगी, जिसमें कुल 1,82,258 छात्र/छात्रायें सम्मिलित हो रहे हैं। परीक्षा में 97,348 छात्र व 84,910 छात्रायें सम्मिलित होंगी। कुल परीक्षार्थियों में 1,38,241 संस्थागत तथा 44,017 व्यक्तिगत परीक्षार्थी हैं। 
श्री नन्दी ने बताया कि वर्ष-2020 की परीक्षा में कई नवीन अभिनव प्रयोग किये गये हैं, यथा- सेकेण्डरी (मुंशी/मौलवी) की परीक्षा में प्रश्न-पत्रों की संख्या-06 तथा सीनियर सेकेण्डरी (आलिम) की परीक्षा में प्रश्न-पत्रों की संख्या-05 कर दी गई है, जिससे पूर्व की तरह परीक्षा उबाऊ और लम्बी से मुक्ति मिल सके तथा प्रश्न पत्रों का स्वरुप ज्यादा बेहतर व प्रासंगिक रहे। अन्य बोर्डाे के साथ-साथ उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षायें भी समय से सम्पादित हो रही हैं। इस वर्ष परीक्षा से पूर्व माॅडल प्रश्न-पत्र तथा पाठ्यक्रम से सम्बन्धित विस्तृत विवरण छात्र/छात्राओं को उपलब्ध कराये गये है, जिससे उन्हें परीक्षा की तैयारियों में काफी आसानी हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सेकेण्डरी (मुंशी/मौलवी) में 20 अंकों एवं सीनियर सकेण्डरी (आलिम) में 30 अंकों का सेशनल (प्रयोगात्मक) परीक्षा को भी शामिल किया गया है, जिससे परीक्षार्थियों के अन्य पहलुओं जैसे-उपस्थिति, अनुशासन तथा पठन-पाठन में उनकी रूचि का भी मूल्यांकन सम्भव हो सके। इन आधारांे पर भी प्रत्येक परीक्षार्थी को अंक प्राप्त होंगे। इस व्यवस्था को पहली बार अरबी-फारसी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल किया गया है जो परीक्षा को अधिक व्यापक व वैज्ञानिक स्वरुप देगा।
श्री नन्दी ने बताया कि उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की वर्ष-2020 की परीक्षा में पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में “माॅडल परीक्षा केन्द्रों के भी निर्धारण” का प्रयास किया गया है, जिसके तहत प्रत्येक जनपद में कम से कम एक परीक्षा केन्द्र को माॅडल परीक्षा केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके आधार पर सबसे बेहतर परीक्षा केन्द्र के स्वरूप को अगले वर्ष सभी परीक्षा केन्द्रों पर लागू करने का प्रयास होगा। यह अपने आप में सभी बोर्डों से एक अलग अभिनव प्रयोग है, जिसे आगे और विस्तार दिया जायेगा। इस वर्ष भी बोर्ड की परीक्षा सी0सी0टी0वी0 कैमरो की निगरानी में हो रही है तथा अन्य सभी आवश्यक यथा स्वच्छ पेयजल, शौचालय, डेस्क आदि व्यवस्थायें सुनिश्चित की गई हैं, जो नकलविहीन सुव्यवस्थित तथा साफ-सुथरी परीक्षा सम्पन्न कराने के लिये आवश्यक है। इसके लिये पूर्व से ही सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कराने के निर्देश जारी किये गये हैं। इस वर्ष परीक्षा से पूर्व परिषद कार्यालय के स्तर से भी परीक्षा केन्द्रो का निरीक्षण कराया गया, जिसमें परीक्षा सम्बन्धी तैयारियाॅ पूर्ण मिली। गत वर्ष की भाॅति इस वर्ष भी परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति परीक्षा केन्द्रों द्वारा मदरसा पोर्टल पर आॅनलाईन फीड की जायेगी। अनुपस्थिति फीड किये जाने की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मदरसा पोर्टल के डैश बोर्ड (थ्तवदज च्ंहम) पर परीक्षार्थियों के लिये अपनी अनुपस्थिति क्रास चेक किये जाने का प्राविधान किया गया है। यह सुविधा सम्बन्धित मदरसों के लाॅग-इन पर भी उपलब्ध होगी। परीक्षार्थियों द्वारा अपने परीक्षा अनुक्रमांक से मदरसा पोर्टल पर अपनी अनुपस्थिति क्रास चेक की जा सकेगी।  
  श्री नन्दी ने बताया कि उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा इस दृष्टि से भी अभूतपूर्व है कि परीक्षा केवल 10 दिनों के भीतर सम्पन्न हो रही हैं, जो कि ऐतिहासिक होने के साथ-साथ पूर्व की लम्बी, उबाऊ तथा लेट लतीफ परीक्षा प्रणाली में जबरदस्त सुधार है। पूर्व के समय परीक्षायें बहुत देरी से होती थी तथा परीक्षा परिणाम भी बहुत विलम्ब से आते थे। परीक्षा प्रश्न-पत्र भी काफी अधिक थे, जिसके कारण परीक्षा प्रणाली अत्यन्त धीमी व लम्बी थी। इसका असर न केवल बच्चों के पठन-पाठन तथा उनके स्वास्थ्य पर पड़ता था, बल्कि उसका प्रभाव सम्पूर्ण परीक्षा प्रणाली पर पड़ता था। छात्र/छात्राओं को अन्य कक्षाओं व बोर्डों में प्रवेश लेने में काफी दिक्कतें आती थी, जिसके कारण उनके पूरे वर्ष की पढ़ाई का कार्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हो जाता था। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रयासों से इस पर रोक लगेगी। उ0प्र0 मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में अभूतपूर्व सुधार किये गये हैं, जिसका लाभ बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी छात्र/छात्राओं को प्राप्त हो रहा है। प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रकार से परीक्षा प्रणाली में न केवल सुधार के लिये प्रतिबद्व है, बल्कि पठन-पाठन के कार्य में भी उच्च गुणवत्ता को लानेे की ओर अग्रसर है। मदरसों में एन0सी0ई0आर0टी0 पाठ्यक्रम लागू कर दिया गया है तथा उसी के अनुरूप धार्मिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक आधुनिक शिक्षा देने की ओर निरन्तर कार्य हो रहा है। वेब आधारित गणित शिक्षण को मदरसों में बढ़ावा दिया जा रहा है तथा आधुनिक विषयों में शिक्षा पर बल दिया जा रहा है। मदरसों में एन0एस0एस0, स्काउट गाईड, वृक्षारोपण, सम्पूर्ण स्वच्छता इत्यादि भी जोड़ा जा रहा है, जो कि अल्पसंख्यकों की शिक्षण व्यवस्था को मुख्य धारा में शमिल करने की ओर सरकार की मंशा को स्पष्ट उजागर करता है।