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दुःखद समाचार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के पिता का निधन, सुबह 10.44 बजे ली अंतिम सांस,यूपी सरकार में शोक की लहर::--पढें खबर
April 20, 2020 • Sun India Tv News चैनल • राष्ट्रीय

: मुख्यमंत्री योगी के पिता का निधन, सुबह 10.44 बजे ली अंतिम सांस,यूपी सरकार में शोक की लहर,आनंद सिंह बिष्ट का निधन हुआ,दिल्ली एम्स में भर्ती थे आनंद बिष्ट।

पिता के मौत के समय भी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री लखनऊ में टीम 11 के साथ कर रहे थे बैठक सीएम योगी आदित्यनाथ को पिता के निधन की जानकारी मिली तो सीएम की आंखें कुछ देर के लिए नम हो गई। इसके बावजूद अधिकारियों के साथ सीएम की होनी वाली बैठक जारी रही।

कोविड 19 को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार कर रहे हैं बैठक कुछ ही देर में लखनऊ से गाजियाबाद हिंडन एयरबेस के लिए होंगे सीएम रवाना हिंडन एयर बेस से बाई रोड AIIMS जाएंगे सीएम

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता के निधन पर दुःख व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर दुःख व्यक्त किया है।

राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की है।

 

 

 

मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट जी के निधन की दुःखद सूचना प्राप्त हुई है। 
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार तथा शुभचिंतकों को संबल प्रदान करें । ॐ

 

उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित जी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के पिता श्री आनंद सिंह बिष्ट  के निधन का संदेश जानकर गहरा शोक व्यक्त किया है।

श्री दीक्षित ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह दिवंगत आत्मा को चिर शांति व शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

*योगी ने निभाया ‘राजधर्म’, आंखों में नमी के बाद भी करते रहे मीटिंग*

*लखनऊ, 20 अप्रैल*. वक्त करीब सुबह के 10.30 बजे का था...लोकभवन की जगह आज टीम 11 की मीटिंग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सरकारी आवास (5 केडी) पर होनी थी। लेकिन मन में ये सवाल बार बार उठ रहा था कि क्या मुख्यमंत्री मीटिंग करेंगे। क्योंकि बीती रात से ही अफवाहों का सिलसिला सोशल मीडिया पर आंधी की तरह उड़ रहा था। जिसमें प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी के पिता आनंद सिंह बिष्ट के स्वास्थ्य खराब होने की सूचनाएं तैर रही थीं। खैर रोज की तरह समयानुसार मीटिंग के लिए मुख्यमंत्री हॉल में आए, लेकिन आज साफ झलक रहा था कि वो अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है।

अमूमन मुख्यमंत्री मीटिंग के दौरान चेहरे पर लगे मास्क को नीचे रखते हैं लेकिन आज ऐसा नहीं हुआ। इससे चेहरे का भाव भले कुछ हद तक छिप जा रहा था,पर आंखों की उदासी,उनकी नमीं बता रही थीं कि सब कुछ ठीक नही। बावजूद इसके राजधर्म का पालन पहली प्राथमिकता पर रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समयानुसार मीटिंग शुरू की। टीम 11 के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री विचार-विमर्श और कोरोना को लेकर प्रदेश की हालात पर चर्चा करते और अधिकारियों को निर्देश भी देते रहे। 

इसी बीच करीब 10 बजकर 44 मिनट के आसपास मीटिंग में उस व्यक्ति का आना हुआ, जिसे कम ही किसी मीटिंग में आते देखा गया है। बात मुख्यमंत्री के सबसे करीबी शख्स यानी बल्लू राय की हो रही है। बल्लू के चेहरे पर दुख का भाव झलक रहा था। बल्लू ने एक पर्ची मुख्यमंत्री को दी। इसे पढ़कर मुख्यमंत्री जी ने किसी से बात कराने का निर्देश बल्लू को दिया। बल्लू ने फोन लगाया और मुख्यमंत्री जी बात करने लगे।

बात महज एक मिनट की रही होगी और मुख्यमंत्री ने फोन पर कहा कि वह मीटिंग के बाद फिर बात करेंगे। बल्लू चले गये मुख्यमंत्री कुछ सेकंड के लिए शांत हो गए। लेकिन फिर उन्होंने मीटिंग में अधिकारियों से सवाल-जवाब करना शुरू कर दिया। मीटिंग ठीक वैसे ही चलती रही जैसे रोजाना चलती है। 

इस बीच सबने देखा कि मुख्यमंत्री योगी की आंखें नम हो चुकी हैं। शायद उधर से उन्हें पिता के निधन का समाचार मिला था, लेकिन मुख्यमंत्री होने के नाते उन्होंने प्रदेश की जनता की सेवा सर्वोपरि रखी और कोविड से लड़ने की रणनीति बनाने की मीटिंग करते रहे। 

सभी को पता है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री होने से पहले वो एक संन्यासी हैं, गोरक्षपीठाधीश्वर हैं। लेकिन पिता के निधन का समाचार मिलने के बाद भी मुख्यमंत्री की कार्यशैली ठीक वैसे ही चलती रही। एक तरफ जहां आंखों में नमी उनके दुख की सबूत था तो दूसरी तरफ 23 करोड़ जनता की सुरक्षा की चिंता का फर्ज। अपने पिता के निधन के बावजूद उन्होंने राजधर्म को प्राथमिकता दी। उसे निभाया। योगी आदित्यनाथ पहले भी सबसे ऊपर राजधर्म और यूपी की 23 करोड़ जनता का हित देखने को सर्वोपरि मानते रहे हैं। पिता की मृत्यु भी उन्हें अपने इस पथ से विचलित नहीं कर सकी।

*अंतिम संस्कार में शामिल न होने के साथ-साथ दिया बड़ा संदेश*

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अपने पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुख एवं शोक है। वे मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता है। जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं निस्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया। अंतिम क्षणों में उनके दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परन्तु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने का कर्तव्यबोध के कारण मैं न कर सका।

कल 21 अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉकडाउन की सफलता और महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। पूजनीया मां, पूर्वाश्रम  से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि वे लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग तिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें। पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ आऊंगा।