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ब्रेकिंग 👉29 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचे और भगवान राम के मंदिर निर्माण की भूमि पूजा की, इस अवसर पर उन्होंने कहा जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों::==पढें विस्तार से खबर
August 5, 2020 • Sun India Tv News चैनल • राष्ट्रीय

सबसे पहले पीएम मोदी का काफिला हनुमानगढ़ी पहुँचा,मोदी ने हनुमानगढ़ी पहुँच कर पूजा अर्चना की ।

प्रभु श्री राम के दर्शन अभिलाषी प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री योगी के साथ  हनुमानगढ़ी में पूजा अर्चना की l

राम भक्त हनुमान की पूजा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर प्रांगण की परिक्रमा भी की मंदिर प्रांगण में पुजारी ने प्रधानमंत्री मोदी  को चांदी का मुकुट और रामनमी दुपट्टा  प्रसाद रूप में भेंट किया गया l

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नतमस्तक होकर प्रभु श्री राम को चरण स्पर्श किया l

29 साल बाद नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचे हैं अयोध्या पहुंचकर उन्होंने प्रभु श्री राम मंदिर निर्माण की भूमि पूजा की l

भूमि पूजन से पहले प्रधानमंत्री ने अयोध्या में पारिजात का वृक्षरोपण भी किया 

भूमि पूजन के बाद अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा आज का ये दिन करोड़ों रामभक्तों के संकल्प की सत्यता का प्रमाण है। 

आज का ये दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है-इसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।

हमने तब भी देखा था कि कैसे सभी देशवासियों ने शांति के साथ, सभी की भावनाओं का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था । आज भी हम हर तरफ वही मर्यादा देख रहे हैं-कोरोना से बनी स्थितियों के कारण भूमिपूजन का ये कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच हो रहा है,श्रीराम के काम में मर्यादा का जैसा उदाहरण प्रस्तुत किया जाना चाहिए, देश ने वैसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है-l

जैसे पत्थरों पर श्रीराम लिखकर रामसेतु बनाया गया, वैसे ही घर-घर से,गांव-गांव से श्रद्धापूर्वक पूजी शिलाएं, यहां ऊर्जा का स्रोत बन गई हैं।देश भर के धामों और मंदिरों से लाई गई मिट्टी और नदियों का जल, वहां के लोगों,वहां की संस्कृति और वहां की भावनाएं,आज यहां की शक्ति बन गई हैं l

जिस तरह दलितों-पिछ़ड़ों-आदिवासियों, समाज के हर वर्ग ने आजादी की लड़ाई में गांधी जी को सहयोग दिया, उसी तरह आज देशभर के लोगों के सहयोग से राम मंदिर निर्माण का ये पुण्य-कार्य प्रारंभ हुआ है-l

इस मंदिर के साथ सिर्फ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा, बल्कि इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है।जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर और केवट से लेकर वनवासी बंधुओं को भगवान राम की विजय का माध्यम बनने का सौभाग्य मिला- इस मंदिर के साथ सिर्फ नया इतिहास ही नहीं रचा जा रहा, बल्कि इतिहास खुद को दोहरा भी रहा है,जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर और केवट से लेकर वनवासी बंधुओं को भगवान राम की विजय का माध्यम बनने का सौभाग्य मिला- PM

श्री रामचंद्र को तेज में सूर्य के समान,क्षमा में पृथ्वी के तुल्य,बुद्धि में बृहस्पति के सदृश्य.और यश में इंद्र के समान माना गया है। श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केंद्र बिंदु पर घूमता है, वो है सत्य पर अडिग रहना। इसीलिए ही श्रीराम संपूर्ण हैं-l

श्रीराम ने सामाजिक समरसता को अपने शासन की आधारशिला बनाया था।उन्होंने गुरु वशिष्ठ से ज्ञान, केवट से प्रेम, शबरी से मातृत्व, हनुमानजी एवं वनवासी बंधुओं से सहयोग और प्रजा से विश्वास प्राप्त किया।यहां तक कि एक गिलहरी की महत्ता को भी उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया-PM

उनका अद्भुत व्यक्तित्व, उनकी वीरता, उनकी उदारता उनकी सत्यनिष्ठा, उनकी निर्भीकता,उनका धैर्य, उनकी दृढ़ता, उनकी दार्शनिक दृष्टि युगों-युगों तक प्रेरित करते रहेंगे। राम प्रजा से एक समान प्रेम करते हैं लेकिन गरीबों और दीन-दुखियों पर उनकी विशेष कृपा रहती है-PM

जीवन का ऐसा कोई पहलू नहीं है, जहां हमारे राम प्रेरणा न देते हों।भारत की ऐसी कोई भावना नहीं है जिसमें प्रभु राम झलकते न हों।भारत की आस्था में राम हैं, भारत के आदर्शों में राम हैं!भारत की दिव्यता में राम हैं, भारत के दर्शन में राम हैं-PM

 

कहावत है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है आज फिर एक बार यही हुआ बात है 09 नवंबर 1989 को तत्कालीन राजीव गाँधी सरकार में अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु शुभ मुर्हूत देखकर, पूरे विधि-विधान से भूमि का पूजन और शिलान्यास किया गया था भूमि पूजन स्वामी वामदेव ने किया। वास्तु पूजा पंडित महादेव भट्ट और पंडित अयोध्या प्रसाद ने करवाई। खुदाई की शुरुआत महंत अवैद्यनाथ ने फावड़ा चलाकर की थी। शिलान्यास की पहली शिला 10 नवंबर को पैंतीस वर्षीय दलित युवक कामेश्वर चौपाल के हाथों रखवाई गई थी ,अब महंत अबैध नाथ के शिष्य मुखमंत्री योगी जी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ,ने मंदिर निर्माण के लिए पुनः शिला पूजा की l