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*ऋण अनुबन्ध के अन्तर्गत 400 मिलियन यू0एस0 डालर विश्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा::-नितिन रमेश गोकर्ण, प्रमुख सचिव, लो0नि0वि0
October 11, 2019 • Sun India Tv News चैनल

*उत्तर प्रदेश में 500 किमी लम्बाई के राज्य मार्गों के चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु एम0ओ0यू0 पर हस्ताक्षर किये गये*

लखनऊ: दिनांक: 11 अक्टूबर, 2019

प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग उ0प्र0 शासन श्री नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि आज वित्त मंत्रालय, नार्थ ब्लाक, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम/बैठक में, आर्थिक विकास विभाग, वित्त मन्त्रालय, भारत सरकार, विश्व बैंक एवं उ0प्र0 सरकार के मध्य उ0प्र0 कोर रोड नेटवर्क विकास परियोजना हेतु 400 मिलियन यू0एस0 डाॅलर ऋण अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये गये। 

श्री गोकर्ण ने बताया कि भारत सरकार की तरफ से श्री समीर खरे अतिरिक्त सचिव, आर्थिक कार्य विभाग वित्त मंत्रालय, विश्व बैंक की तरफ से श्री जुनैद अहमद, कन्ट्री डायरेक्टर एवं उ0प्र0 सरकार की तरफ से श्री गिरिजेश कुमार त्यागी, विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग द्वारा ऋण अनुबन्ध पर हस्ताक्षर किये गये। अनुबन्ध के अन्तर्गत कुल 400 मिलियन यू0एस0 डाॅलर विश्व बैंक द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा एवं 170 मिलियन यू0एस0 डाॅलर उ0प्र0 सरकार अपने संसाधनों से उपलब्ध करायेगी। ऋण से प्रदेश के 500 किमी लम्बाई के राज्यमार्गों का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराया जायेगा। परियोजना की कुल अवधि 06 वर्ष है जो कि वर्ष 2025 तक समाप्त होगी।
*इन मार्गों पर होना है कार्य*
प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग श्री नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि उ0प्र0 में गरौठा-चिरगांव मार्ग, हमीरपुर-राठ मार्ग, गोला-शाहजहांपुर मार्ग, बदायुं-बिल्सी मार्ग, राठ-गरौठा मार्ग, हामिदपुर-कुचेसर मार्ग, मुरादाबाद-हरिद्वार-देहरादुन मार्ग, गढ़-सयाना-मेरठ मार्ग, बहराइच से गोण्डा मार्ग व मेंहदावल से खलीलाबाद मार्गों पर कार्य किया जाना प्रस्तावित है।
*मार्ग सुरक्षा के लिए किये जायेंगे कार्य*

श्री गोकर्ण ने बताया कि परियोजना के अन्तर्गत मार्गों के विकास के साथ-साथ बौद्ध-परिपथ पर स्थित मार्गों के विकास पर भी जोर दिया गया है। इस परियोजना के अन्तर्गत मार्ग सुरक्षा का एक समेकित घटक प्रस्तावित है, जिसमें लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग एवं गृह (पुलिस) विभाग द्वारा मार्ग सुरक्षा के अन्तर्गत विभिन्न कार्य कराये जायेंगे। मुख्य रूप से यातायात विभाग के अन्तर्गत हाई-वे पेट्रोल यूनिट की स्थापना की जानी है, जिसके तहत मार्ग दुर्घटनाओं के परिपेक्ष्य में हाई-वे पर पेट्रोलिंग की जानी है।