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सूडा के निदेशक आईएएस उमेश प्रताप सिंह की पत्नी अनीता सिंह की गोली लगने से हुई मौत के मामले में फोरेंसिक एक्सपर्ट रविवार को क्राइम सीन का रिक्रिएशन किया:-
September 8, 2019 • Sun India Tv News चैनल

 

लखनऊ ब्रेकिंग:- 8 सितम्बर 2019

सूडा के निदेशक आईएएस उमेश प्रताप सिंह की पत्नी अनीता सिंह की गोली लगने से हुई मौत के मामले में फोरेंसिक एक्सपर्ट रविवार को क्राइम सीन का रिक्रिएशन करने घटना स्थल पर पहुंची। टीम के साथ एएसपी उत्तरी सुकीर्ति माधव सीओ गोमतीनगर अवनिश्वर चन्द्र श्रीवास्तव व चिनहट थाने की पुलिस मौजूद थी। 

फोरेंसिक एक्सपर्ट ने मौके पर जांचकी किन परिस्थितियों में अनीता को गोली लगी, जिससे उसकी मौत हुई। कमरा किस तरह बंद हुआ था? सोफा पर पर अनीता किस अवस्था में बैंठी थी ? इसके आलाव कई अन्य बारीकियों को समझने के लिए फोरेंसिक टीम काफी देर तक आईएएस उमेश के आवास पर बनी रही।

फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम में आनंद कुमार सिंह, पवन कुमार सिंह, डाॅ एके श्रीवास्तव, रियाज अहमद के अलावा फोटोग्राफर अरुण शुक्ला सहित कूल 6 सदस्य थे। क्राइम सीन के रिक्रिएश के दौरान आईएएस, उनके बेटे और नौकरों के बयान भी दर्ज किया गया। जांच में जुटे पुलिस अधिकारियों ने आसपास पड़ोस के लोगों से भी बातचीत की। एएसपी उत्तरी सुकीर्ति माधव ने बताया, फोरेंसिक जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि मौके पर कौन सी परिस्थितियों के चलते गोली चली। बता दें कि बीते 1 सितम्बर को आईएएस अधिकारी अनीता सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में सीने में गोली लगने की मौत हो गई थी। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण अनीता के चचेरे भाई राजीव कुमार सिंह ने आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह पर हत्या व सबुत मिटाने का आरोप लगाया गया था। राजीव द्वारा लगाये गये अरोपों के जवाब में आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने राजीव को भूमाफिया बताया। यहीं नही उमेश ने यह का यह भी आरोप था कि पीएसी के एडीजी विनोद कुमार सिंह जो राजीव के सगे बहनोई हैं इस मामले को प्रभावित कर रहे हैं।

सोफे पर मेरी बहन बैठी थी तो सर के पिछले हिस्से में चोट क्यो

मृतका के चचेरे भाई राजीव सिंह का कहना है कि मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है एक भी मुकद्दमा भू माफिया या किसी प्रकार का मेरे ऊपर नही है यदि उमेश प्रताप सिंह गलत नही है तो जांच से क्यो घबरा रहे है पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आगई है गोली मृतका के शरीर मे नही है इसका मतलब आर पार हुई है और मेरी बहन ने सोफे पर बैठ कर गोली सामने से मारी थी तो गोली सोफे के अंदर घुसी होनी चाहिए जबकि सोफे पर कोई निशान नही है ।

उमेश प्रताप सिंह कहते है कि पीएसी के एडीजी विनोद कुमार सिंह जो राजीव के सगे बहनोई हैं इस मामले को प्रभावित कर रहे हैं

राजीव कुमार सिंह ने सन इण्डिया टीवी के संवाददाता को बताया कि ये सही है कि मेरे सगे बहनोई है लेकिन इस केश में उन्होंने किसी को फोन नही किया है घटना के बाद किसी भी अधिकारी को फोन किया हो तो उमेश प्रताप सिंह उस अधिकारी का नाम बातये जिसे जाँच प्रभावित करने केलिए फोन किया हो।

पहले मीडिया को प्रेस के लिए घर बुलाया फिर उमेश प्रताप  ने मीडिया से  दूरी बना ली।

आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह की ओर से रविवार को सुबह मीडिया को व्यक्तिगत फोन कर घर आने का न्योता दिया गया। मीडिया को फोन पर यह जानकारी दी गयी कि सुबह 11 बजे राजीव कुमार सिंह के भूमाफिया होने का सबूत दिया जाएगा। इसके अलावा राजीव द्वारा लगाये गये आरोपों पर आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह या उनका बेटा अपना पक्ष रखेगा। मामला हाईप्रोफाइल होने के कारण कई पत्रकार वहां तय समय पर पहुंच गये। लेकिन न ही आईएएस अधिकारी अपने कमरे से बाहर निकले और न ही उनके बच्चे। आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने फोन पर विजुअल लाइव को बताया कि मेरे बच्चे काफी तनाव में हैं मेरे बड़े भाई प्रमोद कुमार सिंह व भतीजे से पूरे मामले की जानकारी ले लिजिए। उमेश के बड़े भाई प्रमोद ने भी राजीव को अनीता का चचेरा भाई बताया लेकिन कहा राजीव से हमारे परिवार का कोई लेना देना नहीं था। सूत्रों के हवाले से मिली खबर के अनुसार आईएएस उमेश प्रताप सिंह के पास हाई लेबल का राजनैतिक दबाव है। उन्हें मीडिया को किसी प्रकार का ब्यान देने से मना किया गया है साथ ही इसका भी आश्वासन दिया गया है कि इस मामले में अपको पूरा न्याय मिलेगा। 

उमेश प्रताप सिंह के सभी फोन काॅल की हो जांच : राजीव कुमार सिंह

आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह पर अपनी चचेरी बहन की हत्या का आरोप लगाने वाले राजीव कुमार सिंह ने रविवार को एक और बयान जारी कर अपने उपर लगाये गये अरोपों का खंडन किया है। राजीव ने कहा कि किन परिस्थितियों में आईएएस महोदय का बयान बदल रहा है। राजीव ने कहा कि जब मुझे वे और उनका परिवार जानता भी नहीं था और उनकी हर पोस्टिंग पर हम उनसे मिलते थे और उनसे दबाव बनाते थे कैसे?। राजीव ने कहा कि आईएएस महोदय के सारे फोन काॅल डिटेल मृतका के मृत्यु के एक माह पूर्व से आज तक निकलवा कर जांच कराया जाये। राजीव ने आईएएस अधिकारी उमेश प्रताप सिंह की गिरफ्तारी की भी मांग 

स्व अनिता सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई जांच और सूडा निदेशक उमेश प्रताप सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बनारस अस्सी घाट पर कैंडल मार्च निकाला गया ..

स्वर्गीय अनीता सिंह को न्याय दिलाने जनता उतरी सड़को पर