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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 151वी जयंती की पूर्व संध्या पर योगी आदित्यनाथ की मंत्रिपरिषद ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए पढ़ें पूरी खबर::-
October 2, 2019 • Sun India Tv News चैनल

लखनऊ: 01 अक्टूबर, 2019

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में आज यहां लोक भवन में सम्पन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:-
 
जनपद-सुल्तानपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-दूबेपुर, परगना-मीरानपुर, तहसील-सदर के गाटा संख्या-606क मि0/6.000 हेक्टेयर (14.8263 एकड़) भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को 90 वर्ष के लिए पट्टे पर हस्तान्तरित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी मंत्रिपरिषद ने जनपद-सुल्तानपुर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-दूबेपुर, परगना-मीरानपुर, तहसील-सदर, जिला-सुल्तानपुर में नाॅन जेड0ए0 में अंकित खतौनी खाता संख्या-01 के गाटा संख्या-606क मि0/6.000 हेक्टेयर (14.8263 एकड़) उत्तर प्रदेश सरकार के खाते की भूमि को कतिपय शर्तों के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम 01 रुपए (रु0 एक मात्र) वार्षिक किराए की दर से 90 वर्ष के लिए पट्टे पर हस्तान्तरित किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
जनपद-सुल्तानपुर में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल सुल्तानपुर के निवासियों को सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे वाराणसी स्थित ट्राॅमा सेण्टर तथा के0जी0एम0यू0, लखनऊ के भार में कमी आएगी।
केन्द्र सहायतित योजना म्ेजंइसपेीउमदज व िछमू डमकपबंस ब्वससमहमे ंजजंबीमक ूपजी मगपेजपदह क्पेजतपबजध्त्ममिततंस भ्वेचपजंसे ;फेज-3द्ध के अन्तर्गत ब्ींससमदहम डवकम पर जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज बनाया जाना है। प्रत्येक मेडिकल काॅलेज की लागत 325 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा उक्त धनराशि 60ः40 के अनुपात में वहन की जाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है तथा यहां पर लगभग 59,000 एलोपैथिक डाॅक्टर्स पंजीकृत हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डाॅक्टर तथा जनसंख्या के मध्य अनुपात 1ः1000 होना चाहिए, जबकि प्रदेश में यह अनुपात लगभग 1ः3700 है, जो मानक से बहुत कम है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से चिकित्सकों की कमी के साथ ही साथ चिकित्सा शिक्षकगण की कमी भी दूर हो सकेगी तथा टर्शरी केयर में सुधार होगा। प्रदेश में जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज स्थापित किये जाने हेतु असेवित जिलों का चयन किया गया है।
केन्द्र सहायतित योजना (फेज-3) के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय, सुल्तानपुर को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु यह भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तान्तरित की जा रही है।
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जनपद-चन्दौली में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-बरठी कमरौर, परगना-नरवन, तहसील व जिला-चन्दौली के कुल 13 गाटा रकबा 2.0340 हे0 (5.02 एकड़) भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद-चन्दौली में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-बरठी कमरौर, परगना-नरवन, तहसील व जिला-चन्दौली के कुल 13 गाटा रकबा 2.0340 हे0 (5.02 एकड़) भूमि उत्तर प्रदेश बिक्रीकर विभाग (सम्प्रति वाणिज्य कर विभाग) के नाम दर्ज भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार ग्राम-बरठी कमरौर, परगना-नरवन, तहसील व जिला-चन्दौली के खाता खतौनी संख्या-00674 के गाटा संख्या-905/1 रकबा 0.7570 हे0, गाटा संख्या-908 रकबा 0.1820 हे0, गाटा संख्या-904 रकबा 0.1460 हे0, गाटा संख्या-907 रकबा 0.2950 हे0, गाटा संख्या-903 रकबा 0.2910 हे0, गाटा संख्या-902/1 रकबा 0.0280 हे0, गाटा संख्या-901/1 रकबा 0.0200 हे0, गाटा संख्या-900/1 रकबा 0.0240 हे0, गाटा संख्या-909 रकबा 0.1540 हे0, गाटा संख्या-895 मि रकबा 0.0560 हे0, गाटा संख्या-881/1 रकबा 0.0450 हे0, गाटा संख्या-880/1 रकबा 0.0240 हे0, गाटा संख्या-898/1 रकबा 0.0120 हे0 कुल 13 गाटा रकबा 2.0340 हे0 (5.02 एकड़) भूमि नक्शे के अनुसार हस्तान्तरित की जाएगी
 
जनपद-चन्दौली महत्वाकांक्षी जनपद की श्रेणी में वर्गीकृत होने के दृष्टिगत मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु चिन्ह्ति किया गया है। जनपद-चन्दौली में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल चन्दौली के निवासियों को चिकित्सकीय सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ होगा। इससे वाराणसी स्थित ट्राॅमा सेण्टर तथा मेडिकल काॅलेज, प्रयागराज पर दबाव में कमी आएगी तथा एन0एच0-2 पर होने वाली दुर्घटनाओं में तुरन्त एवं अच्छे इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।केन्द्र सहायतित योजना म्ेजंइसपेीउमदज व िछमू डमकपबंस ब्वससमहमे ंजजंबीमक ूपजी मगपेजपदह क्पेजतपबजध्त्ममिततंस भ्वेचपजंसे (फेज-3) के अन्तर्गत ब्ींससमदहम डवकम पर जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज बनाया जाना है। प्रत्येक मेडिकल काॅलेज की लागत 325 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा उक्त धनराशि 60ः40 के अनुपात में वहन की जाएगी।वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है तथा यहां पर लगभग 59,000 एलोपैथिक डाॅक्टर्स पंजीकृत हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डाॅक्टर तथा जनसंख्या के मध्य अनुपात 1ः1000 होना चाहिए, जबकि प्रदेश में यह अनुपात लगभग 1ः3700 है, जो मानक से बहुत कम है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से चिकित्सकों की कमी के साथ ही साथ चिकित्सा शिक्षकगण की कमी भी दूर हो सकेगी तथा टर्शरी केयर में सुधार होगा। प्रदेश में जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज स्थापित किये जाने हेतु असेवित जिलों का चयन किया गया है।
 
केन्द्र सहायतित योजना (फेज-3) के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय, चन्दौली को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जिला चिकित्सालय से 10 किलोमीटर परिधि के अन्तर्गत ग्राम-बरठी कमरौर, परगना-नरवन, तहसील व जिला-चन्दौली स्थित कुल 15.61 एकड़ बिक्रीकर विभाग (सम्प्रति वाणिज्य कर विभाग) की 5.02 एकड़, कृषकों की 6.44 एकड़ व 1.15 एकड़ नवीन परती ग्राम सभा (भूमि उपलब्ध है। इस भूमि में से 1.15 एकड़ ग्रामसभा की भूमि के हस्तान्तरण की कार्यवाही जिलाधिकारी द्वारा की जानी है तथा 6.44 एकड़ भूमि किसानों से क्रय किए जाने की कार्यवाही प्रचलित है। इस प्रकार बिक्री कर विभाग (सम्प्रति वाणिज्य कर विभाग) की 5.02 एकड़ भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम पर हस्तान्तरित की जाएगी
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जनपद अमेठी में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-तिलोई, परगना-मोहनगंज, तहसील-तिलोई के कुल 05 गाटा क्षेत्रफल 1.5780 हेक्टेयर (3.899 एकड़) की सीलिंग भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद-अमेठी में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-तिलोई, परगना-मोहनगंज, तहसील-तिलोई के कुल 05 गाटा क्षेत्रफल 1.5780 हेक्टेयर (3.899 एकड़) की सीलिंग भूमि को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रस्ताव के अनुसार ग्राम-तिलोई, परगना-मोहनगंज, तहसील-तिलोई के खाता खतौनी संख्या-00997 के गाटा संख्या-519 क्षेत्रफल 0.439, गाटा संख्या-511 क्षेत्रफल 4.439 हेक्टेयर, गाटा संख्या-542 क्षेत्रफल 0.044 हेक्टेयर, कुल गाटा संख्या-3 श्रेणी-5 की कुल 4.922 हेक्टेयर नवीन परती के रूप में दर्ज है तथा उक्त के अतिरिक्त खाता खतौनी संख्या-00997 के गाटा संख्या-513 क्षेत्रफल 0.443 हेक्टेयर, गाटा संख्या-541 क्षेत्रफल 0.515 हेक्टेयर, गाटा संख्या-544 क्षेत्रफल 0.038 हेक्टेयर, गाटा संख्या-545 क्षेत्रफल 0.089 हेक्टेयर, गाटा संख्या-546 क्षेत्रफल 0.493 हेक्टेयर कुल 05 गाटा क्षेत्रफल 1.578 हेक्टेयर (3.899 एकड़), जो अभिलेख में सीलिंग भूमि के नाम से दर्ज है, को नक्शे के अनुसार निःशुल्क हस्तान्तरित की जाएगी। जनपद-अमेठी में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल जनपद-अमेठी के निवासियों को सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ होगा। गम्भीर परिस्थितियों में मरीजों को पी0जी0आई0 एवं के0जी0एम0यू0, लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा, जिससे इन अस्पतालों पर भार में कमी आएगी।
केन्द्र सहायतित योजना म्ेजंइसपेीउमदज व िछमू डमकपबंस ब्वससमहमे ंजजंबीमक ूपजी मगपेजपदह क्पेजतपबजध्त्ममिततंस भ्वेचपजंसे (फेज-3) के अन्तर्गत ब्ींससमदहम डवकम पर जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज बनाया जाना है। प्रत्येक मेडिकल काॅलेज की लागत 325 करोड़ रुपए प्रस्तावित है। केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा उक्त धनराशि 60ः40 के अनुपात में वहन की जाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की जनसंख्या लगभग 22 करोड़ है तथा यहां पर लगभग 59,000 एलोपैथिक डाॅक्टर्स पंजीकृत हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार डाॅक्टर तथा जनसंख्या के मध्य अनुपात 1ः1000 होना चाहिए, जबकि प्रदेश में यह अनुपात लगभग 1ः3700 है, जो मानक से बहुत कम है। ऐसी स्थिति में प्रदेश में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से चिकित्सकों की कमी के साथ ही साथ चिकित्सा शिक्षकगण की कमी भी दूर हो सकेगी तथा टर्शरी केयर में सुधार होगा। प्रदेश में जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज स्थापित किये जाने हेतु असेवित जिलों का चयन किया गया है।
 
केन्द्र सहायतित योजना (फेज-3) के अन्तर्गत जिला चिकित्सालय, अमेठी द्वारा बाल एवं मातृचिकित्सालय, तिलोई, जनपद-अमेठी को उच्चीकृत कर राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जनपद-अमेठी के ग्राम-तिलोई, परगना-मोहनगंज, तहसील-तिलोई के खाता खतौनी संख्या-00997 के गाटा संख्या-519 क्षेत्रफल 0.439, गाटा संख्या-511 क्षेत्रफल 4.439 हेक्टेयर, गाटा संख्या-542 क्षेत्रफल 0.044 हेक्टेयर, कुल गाटा संख्या-3 श्रेणी-5 की कुल 4.922 हेक्टेयर नवीन परती के रूप में दर्ज है।
इसके अतिरिक्त, खाता खतौनी संख्या-00997 के गाटा संख्या-513 क्षेत्रफल 0.443 हेक्टेयर, गाटा संख्या-541 क्षेत्रफल 0.515 हेक्टेयर, गाटा संख्या-544 क्षेत्रफल 0.038 हेक्टेयर, गाटा संख्या-545 क्षेत्रफल 0.089 हेक्टेयर, गाटा संख्या-546 क्षेत्रफल 0.493 हेक्टेयर कुल 05 गाटा क्षेत्रफल 1.578 हेक्टेयर (3.899 एकड़), जो अभिलेख में सीलिंग भूमि के नाम से दर्ज है, को मेडिकल काॅलेज अमेठी हेतु चिन्ह्ति किया गया है। यह भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तान्तरित की जाएगी।
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जनपद गोण्डा में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए 
चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने जनपद गोण्डा में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए ग्राम छावनी सरकार, परगना व तहसील व जिला गोण्डा के खाता खतौनी संख्या-00651 के गाटा संख्या-417, क्षेत्रफल 25.810 हेक्टेयर के अन्तर्गत रिक्त 26.00 एकड़ भूमि में से 15.00 एकड़ भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में आबादी कारागार के नाम दर्ज है, को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
जनपद गोण्डा में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल जनपद गोण्डा के निवासियों को सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ होगा। गम्भीर परिस्थितियों में मरीजों को पी0जी0आई0 एवं के0जी0एम0यू0, लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा, इससे इन अस्पतालों के भार में कमी आएगी।
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जनपद बुलन्दशहर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद बुलन्दशहर में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए ग्राम चाँदपुर, परगना-वरन, तहसील-सदर के खाता खतौनी संख्या-02, गाटा संख्या-263एस क्षेत्रफल 3.0210 हेक्टेयर में से 2.000 हेक्टेयर, जो राजस्व अभिलेखों में श्री प्रिंसिपल महोदय के नाम दर्ज है तथा ग्राम-वलीपुर के परगना-वरन, तहसील-सदर के खाता खतौनी संख्या-01 के गाटा संख्या-44/2 क्षेत्रफल 0.430 हेक्टेयर, गाटा संख्या-45, क्षेत्रफल 1.012 हेक्टेयर, गाटा संख्या-47एस क्षेत्रफल 0.150 हेक्टेयर, गाटा संख्या-60 क्षेत्रफल 0.253 हेक्टेयर, गाटा संख्या-61 क्षेत्रफल 0.253 हेक्टेयर अर्थात कुल 4.098 हेक्टेयर (10.126 एकड़), जो राजस्व अभिलेखों में कृषि विद्यालय बुलन्दशहर के नाम दर्ज है, को संलग्न नक्शे के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग के नाम निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जनपद बुलन्दशहर को चिन्ह्ति किया गया है। जनपद बुलन्दशहर में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल जनपद बुलन्दशहर के निवासियों को सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ होगा। जिला पुरुष चिकित्सालय, मैटरनिटी विंग, कस्तूरबा महिला चिकित्सालय एवं पी0पी0सी0 चिकित्सालय को सम्मिलित करते हुए कुल 336 शैय्या चिकित्सालय उपलब्ध है।
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जनपद औरैया में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध में
 
मंत्रिपरिषद ने जनपद औरैया में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-सेहुद, परगना व तहसील व जनपद औरैया के अन्तर्गत खाता संख्या-01436 के गाटा संख्या-3728मि0/4.330 हेक्टेयर, गाटा संख्या-3761/0.275 हेक्टेयर, गाटा संख्या-3763/1.000 हेक्टेयर, गाटा संख्या-4045/0.243 हेक्टेयर एवं गाटा संख्या-4064/0.304 हेक्टेयर कुल 05 किता कुल रकबा-6.152 हेक्टेयर (15.20 एकड़) भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में यातायात पुलिस लाइन के नाम दर्ज है, को संलग्न नक्शे के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है
 
जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जनपद औरैया को चिन्ह्ति किया गया है। जनपद औरैया में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल जनपद औरैया के निवासियों को सुविधा होगी, अपितु निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा का लाभ होगा। जिला संयुक्त चिकित्सालय, महिला एवं बाल मातृत्व चिकित्सालय तथा बर्न विंग को सम्मिलित करते हुए कुल 250 शैय्या का चिकित्सालय उपलब्ध है।
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जनपद सोनभद्र में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना के लिए निःशुल्क भूमि हस्तान्तरण के सम्बन्ध में

मंत्रिपरिषद ने जनपद सोनभद्र में राजकीय मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु ग्राम-रौप, परगना-बड़हर, तहसील-राबट्र्सगंज, जनपद-सोनभद्र के खाता खतौनी संख्या-00555 के गाटा संख्या-802, क्षेत्रफल 1.121 हेक्टेयर (2.770 एकड़) भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में कलेक्ट्रेट मुख्यालय के नाम दर्ज है, को चिकित्सा शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तान्तरित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल काॅलेज की स्थापना हेतु जनपद सोनभद्र को चिन्ह्ति किया गया है। जनपद सोनभद्र में मेडिकल काॅलेज की स्थापना से न केवल सोनभद्र के निवासियों को सुविधा होगी, बल्कि निकटवर्ती जनपदों के निवासियों को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे वाराणसी स्थित ट्राॅमा सेण्टर पर निर्भरता कम होगी। जनपद सोनभद्र महत्वाकांक्षी जनपद की श्रेणी में आता है। जिला संयुक्त चिकित्सालय परिसर में 200 शैय्या का अस्पताल उपलब्ध है, जिसका कुल क्षेत्रफल 18.50 एकड़ है।
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जनपद वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरणसौन्दर्यीकरण कार्यों से सम्बन्धित प्रायोजना/प्रस्ताव/आगणन अनुमोदित
 
धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र वाराणसी की विस्तारीकरण/सुन्दरीकरण योजना प्रारम्भ की गयी है। इस योजना हेतु श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद, वाराणसी का गठन किया गया है। इस योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में चिन्हित 296 भूमि/भवनों के क्रय हेतु जिलाधिकारी, वाराणसी को वित्तीय वर्ष 2017-18 में 40 करोड़ रुपए तथा वित्तीय वर्ष 2018-19 में 358.33 करोड़ कुल 398.33 करोड़ रुपए की धनराशि अवमुक्त की गयी है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र वाराणसी के विस्तारीकरण/सुन्दरीकरण योजना के अन्तर्गत श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद द्वारा अब तक कुल 267 सम्पत्तियां क्रय की गयी है, कुल 247 क्रय की गयी सम्पत्तियों का ध्वस्तीकरण कर मलबा निस्तारित कर दिया गया है।
 
इस योजना के द्वितीय चरण में निर्माण हेतु 461.86 करोड़ रुपए का आगणन आयुक्त, वाराणसी मण्डल, वाराणसी द्वारा उपलब्ध कराया गया था। इस आगणन के सापेक्ष 318.67 करोड़ रुपए$जी0एस0टी0 सहित की धनराशि वित्त व्यय समिति द्वारा अनुमोदित की गयी है। व्यय वित्त समिति द्वारा आंकलित/अनुमोदित धनराशि 318.67 करोड़ रुपए$जी0एस0टी0 सहित पर प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदित कर दी गयी है।
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नगरीय परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए 'ग्राॅस काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल' पर लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, बरेली एवं गोरखपुर, शाहजहांपुर, मथुरा-वृृन्दावन में वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के सम्बन्ध में
 
मंत्रिपरिषद ने लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, बरेली में भारी उद्योग एवं लोक उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कुल 600 बसें एवं अन्य शहरों यथा-गोरखपुर, शाहजहांपुर, मथुरा-वृृन्दावन में कुल 100 बसें, प्रदेश सरकार द्वारा वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पब्लिक, प्राइवेट, पार्टनरशिप पर खुली निविदा के माध्यम से 'ग्राॅस काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल' के आधार पर कराए जाने हेतु आॅपरेटर के चयन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। मंत्रिपरिषद ने इस सम्बन्ध में आर0एफ0पी0 डाॅक्युमेण्ट एवं ड्राफ्ट एग्रीमेण्ट को भी अनुमोदित कर दिया है। साथ ही, मंत्रिपरिषद द्वारा इस निर्णय के क्रियान्वयन में आने वाली नीतिगत कठिनाई के निराकरण हेतु अन्तिम निर्णय लिए जाने के लिए मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।
इस प्रकार 'ग्राॅस काॅस्ट काॅन्ट्रैक्ट माॅडल' पर सार्वजनिक, निजी, भागीदारी के आधार पर प्रदेश के 14 शहरों में कुल 700 वातानुकूलित मिडी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना प्रस्तावित है। भारत सरकार द्वारा फेम इण्डिया स्कीम-2 के अन्तर्गत प्रदेश के कुल 11 शहरों का चयन किया गया है, जिसमें कुल 600 इलेक्ट्रिक बसें निर्धारित की गई हैं। इस स्कीम में लखनऊ, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, बरेली शहर सम्मिलित हैं, जिसके लिए प्रति बस 45 लाख रुपए का अनुदान भारत सरकार द्वारा दिया जाना है।
 
इसके अतिरिक्त, मथुरा-वृृन्दावन, गोरखपुर एवं शाहजहांपुर शहरों में कुल 100 इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश सरकार द्वारा संचालित किए जाने का निर्णय लिया गया है। लखनऊ, कानपुर, आगरा में 100-100 बसें, प्रयागराज, गाजियाबाद, वाराणसी, मेरठ, मथुरा-वृृन्दावन में 50-50 बसें, मुरादाबाद, अलीगढ़, झांसी, बरेली, गोरखपुर एवं शाहजहांपुर शहरों में 25-25 बसें संचालित की जानी प्रस्तावित हैं।
 
परियोजना की अनुमानित लागत 965 करोड़ रुपए है। परियोजना का क्रियान्वयन पी0पी0पी0 आधार पर किया जाना है। इलेक्ट्रिक बसों में डीजल तथा सी0एन0जी0 बसों की तुलना में प्रदूषण बहुत कम है। इसलिए इससे एक ओर जहां जनसामान्य को सुविधाजनक परिवहन का साधन उपलब्ध हो सकेगा, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को न्यूनतम किया जा सकेगा। इन बसों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाए जाने का कार्य भी साथ ही प्रारम्भ किया जा रहा है।
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विधान सभा क्षेत्र चायल जनपद-कौशाम्बी में बस स्टेशन निर्माण हेतु ग्राम-परसरा, परगना व तहसील चायल स्थित 0.571 हे0 ऊसर भूमि को परिवहन विभाग के पक्ष में राजस्व विभाग द्वारा निःशुल्क पुनग्र्रहण किए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर
 
मंत्रिपरिषद ने विधान सभा क्षेत्र चायल जनपद-कौशाम्बी में बस स्टेशन के निर्माण हेतु ग्राम-परसरा, परगना व तहसील चायल, जनपद-कौशाम्बी में स्थित ऊसर खाते की भूमि गाटा संख्या-603 मि0 रकबा 0.571 हे0 भूमि (सड़क से लगा भू-भाग) को परिवहन विभाग के पक्ष में राजस्व विभाग द्वारा निःशुल्क पुनग्र्रहण किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
यह निर्णय व्यापक जनहित एवं प्रदेश की जनता को सुगम परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराए जाने एवं परिवहन निगम की वित्तीय स्थिति के दृष्टिगत लिया गया है। इसके क्रम में बस स्टेशन का निर्माण शीघ्र प्रारम्भ कराया जा सकेगा। भूमि के पुनग्र्रहण सम्बन्धी आदेश यथासमय राजस्व विभाग द्वारा निर्गत किए जाएंगे।
 
मुख्यमंत्री जी द्वारा विधान सभा क्षेत्र चायल जनपद कौशाम्बी में बस स्टेशन के निर्माण के सम्बन्ध में गत वर्ष की गयी घोषणा के अनुक्रम में जिलाधिकारी, कौशाम्बी द्वारा अवगत कराया गया कि उक्त भूमि (सड़क से लगा भू-भाग) उपयुक्त पाते हुए चिन्हित की गयी है।
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नगर विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित/संचालित परियोजनाओं हेतु ग्राम समाज की भूमि पुनः आगामी 05 वर्ष के लिए राजस्व विभाग द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने का निर्णय

मंत्रिपरिषद ने नगर विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित/संचालित परियोजनाओं जैसे-पेयजलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, नगरीय परिवहन इत्यादि हेतु नगर विकास विभाग को 'सेवारत' विभाग की श्रेणी में रखते हुए ग्राम समाज की भूमि पुनः आगामी 05 वर्ष के लिए राजस्व विभाग द्वारा निःशुल्क रूप से उपलब्ध कराये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
यह निर्णय जनसंख्या वृद्धि, क्षेत्रफल में विस्तार, ग्रामीण जनसंख्या का शहरों की ओर पलायन इत्यादि के कारण शहरी अवस्थापना सुविधाओं पर बढ़ते दबाव के दृष्टिगत लिया गया है। इससे राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार पड़ने की सम्भावना नहीं है।
 
इस निर्णय से नगर विकास विभाग द्वारा क्रियान्वित/संचालित परियोजनाओं यथा-पेयजलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, नगरीय परिवहन इत्यादि को समय से पूर्ण किया जाना सम्भव हो सकेगा, जिसका लाभ जन-सामान्य को प्राप्त होगा।
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प्रदेश में डायल-100 की सुविधा प्रदान किए जाने हेतु जनपद लखनऊ में केन्द्रीय मास्टर 
को-आॅर्डिनेशन सेण्टर की स्थापना से सम्बन्धित पुनः पुनरीक्षित प्रायोजना प्रस्ताव स्वीकृत

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में डायल-100 की सुविधा प्रदान किए जाने हेतु जनपद लखनऊ में केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर के निर्माण हेतु 12592.41 लाख रुपए के लागत के पुनः पुनरीक्षित प्रस्ताव तथा प्रायोजना में प्रयुक्त नई उच्च विशिष्टि एल्युमिनियम कम्पोजिट पैनल सहित उच्च विशिष्टियों ड्राई फिक्स क्ले टाइल क्लेडिंग, वुडेन फ्लोरिंग, कारपेट फ्लोरिंग, फाॅल्स सीलिंग, जिप्सम वाॅल पार्टीशन, वाॅल पैनेलिंग, फ्लाई ऐश ब्रिक के प्रावधान को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में डायल-100 की सुविधा प्रदान किए जाने हेतु जनपद लखनऊ में केन्द्रीय मास्टर को-आॅर्डिनेशन सेण्टर के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। इसके लिए अब तक 113.1626 करोड़ रुपए की धनराशि व्यय हेतु अवमुक्त की जा चुकी है।
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जनपद अलीगढ़ में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की पुनरीक्षित प्रायोजना तथा इसमें उच्च विशिष्टियों के प्रयोग को मंजूरी
 
मंत्रिपरिषद ने जनपद अलीगढ़ में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में एम्युमिनियम टफेण्ड ग्लास, ए0सी0पी0 पैनेलिंग, मैटेलिक फाॅल्स सीलिंग की उच्च विशिष्टियों के प्राविधान को मंजूरी प्रदान कर दी है। साथ ही, प्रयोगशाला के निर्माण हेतु 2450.72 लाख रुपए $ जी0एस0टी0 (नियमानुसार देय) की लागत की पुनरीक्षित प्रायोजना को भी मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
ज्ञातव्य है कि प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर 18 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण के प्रस्ताव की सैद्धान्तिक सहमति हुई है, जिसमें जनपद लखनऊ, वाराणसी, आगरा एवं मुरादाबाद में क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भवानों के निर्माण हो चुके हैं एवं यूनिट क्रियाशील हैं।
 
प्रथम चरण में 08 विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है, जिसमें 'ए' श्रेणी के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला गोरखपुर, गाजियाबाद एवं कन्नौज, 'बी' श्रेणी के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला प्रयागराज एवं 'सी' श्रेणी के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला झांसी, अलीगढ़, गोण्डा एवं बरेली शामिल हैं। जनपद अलीगढ़ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला के निर्माण के लिए राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
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जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-11 के बाद अध्याय-11क जोड़े जाने सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर

मंत्रिपरिषद ने जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-11 के बाद अध्याय-11क जोड़े जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को अनुमति प्रदान कर दी है। जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 मा0 उच्च न्यायालय के अधीनस्थ समस्त आपराधिक न्यायालयों में की जाने वाली कार्यवाही को निर्धारित करता है।
 
इस संशोधन से अभियुक्त की मा0 न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित कराने में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, फरार अभियुक्त एवं अन्य अभियुक्तों के विरुद्ध विधि के अनुरूप त्वरित गति से कार्यवाही किए जाने में सुगमता सुनिश्चित की जा सकेगी। इस संशोधन से दाण्डिक मामलों का संज्ञान लेने उपार्पण करने में सुविधा व शीघ्रता होगी, जिससे वादों का बहुलता से निस्तारण किया जा सकेगा।
 
संशोधन में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-299 का प्रोफार्मा संलग्न किया गया है, जोकि फरार अभियुक्तों के विचारण की कार्यवाही की सुगमता की दृष्टि से आवश्यक और न्यायहित में है।महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-11 के बाद अध्याय-11क जोड़े जाने के सम्बन्ध मंे राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन की अपेक्षा की गई थी।
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जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-4 के नियम-21 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी
 
मंत्रिपरिषद ने जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-4 के नियम-21 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 मा0 उच्च न्यायालय के अधीनस्थ समस्त आपराधिक न्यायालयों में की जाने वाली कार्यवाही को निर्धारित करता है।
 
प्रकरण मुख्य रूप से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-192 में संज्ञान लेने व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-322 के मजिस्ट्रेट द्वारा विचारण किये जाने व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-194 के तहत किये गये मामलों की नोटिस दिये जाने व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-122 तथा भिन्न-भिन्न न्यायालयों में भिन्न-भिन्न केस नम्बर एलाॅट किये जाने में गुणात्मक परिवर्तन किये जाने विषयक है, जिसमें विचारण में सुगमता होगी और विचारण अत्यन्त शीघ्रता व सुगमता से किया जा सकेगा। यह संशोधन न्यायिक प्रक्रिया की जटिलता को कम करने के लिए किया गया है।
 
महानिबन्धक, मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जनरल रूल्स (क्रिमिनल), 1977 के अध्याय-4 के नियम-21 में संशोधित करने के सम्बन्ध में राज्य सरकार के पूर्वानुमोदन की अपेक्षा की गयी थी।
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बुन्देलखण्ड, विन्ध्यक्षेत्र तथा गुणता प्रभावित क्षेत्रों में ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामीण पेयजल योजनाओं के व्यय के प्रस्तावों के मूल्यांकन एवं औचित्य के परीक्षण हेतु विशेषज्ञ के रूप में सिंचाई विभाग तथा उ0प्र0 जल निगम के मुख्य अभियन्ताओं को 'व्यय वित्त समिति' में सदस्य के रूप में सम्मिलित किए जाने के सम्बन्ध में
 
मंत्रिपरिषद ने बुन्देलखण्ड, विन्ध्यक्षेत्र तथा गुणता प्रभावित क्षेत्रों में ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामीण पेयजल योजनाओं के व्यय के प्रस्तावों के मूल्यांकन एवं औचित्य के परीक्षण हेतु विशेषज्ञ के रूप में, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता द्वारा नामित मुख्य अभियन्ता तथा प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 जल निगम द्वारा नामित मुख्य अभियन्ता को 'व्यय वित्त समिति' में सदस्य के रूप में सम्मिलित किए जाने के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया है।
 
उल्लेखनीय है कि ग्राम्य विकास विभाग द्वारा संचालित की जाने वाली 'बुन्देलखण्ड, विन्ध्य क्षेत्र तथा गुणता प्रभावित ग्रामों में पाइप पेयजल योजना' परियोजनाओं के आगणन ग्राम्य विकास विभाग द्वारा कन्सल्टेन्ट्स के माध्यम से तैयार कराए गए हैं। 25 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं के आगणनों तथा व्यय के प्रस्तावों का मूल्यांकन (अप्रैजल) एवं औचित्य का परीक्षण व्यय वित्त समिति द्वारा किया जाना होगा, जिसके लिए व्यय वित्त समिति में कोई विशेषज्ञ नहीं है। पेयजल योजनाएं, जल स्रोत की उपलब्धता पर आधारित हैं, जिसके सम्बन्ध में सिंचाई विभाग में विशेषज्ञता है तथा पेयजल योजनाओं के मूल्यांकन एवं परीक्षण की विशेषज्ञता नगर विकास विभाग के प्रशासकीय नियंत्रणाधीन उत्तर प्रदेश जल निगम के पास है।
 
इसके दृष्टिगत बुन्देलखण्ड क्षेत्र, विन्ध्य क्षेत्र एवं गुणता प्रभावित क्षेत्र में ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामीण पेयजल योजनाओं के व्यय के प्रस्तावों के मूल्यांकन एवं औचित्य के परीक्षण हेतु विशेषज्ञ के रूप में सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियन्ता द्वारा नामित मुख्य अभियन्ता तथा प्रबन्ध निदेशक, उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा नामित मुख्य अभियन्ता को व्यय वित्त समिति में सदस्य के रूप में सम्मिलित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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उ0प्र0 दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग विविध कर्मचारी-वर्ग सेवा नियमावली-2019 के प्रख्यापन को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग विविध कर्मचारी-वर्ग सेवा नियमावली-2019 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान कर दी है।
 
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अधीन अनेक संस्थाएं, विशेष विद्यालय, छात्रावास आदि के लिए शासनादेशों के माध्यम से विभिन्न पदों का सृजन अलग-अलग समय पर किया गया है। ऐसे पदों में प्रबन्धक (ब्रेल प्रेस), अधीक्षक, छात्रावास वाॅर्डेन, मोबिलिटी अध्यापक, व्यायाम शिक्षक, प्रयोगशाला सहायक, प्रोजेक्टर आॅपरेटर, बिक्रीकर्ता, प्रूफ रीडर व स्टोरकीपर जैसे पद सम्मिलित हैं। अभी तक इन पदों का संचालन कार्यकारी आदेशों में दी गई व्यवस्थानुसार किया जाता रहा है।
 
विभाग द्वारा इस प्रकार के विविध पदों को एक नियमावली से आच्छादित करने के उद््देश्य से 'उ0प्र0 दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग विविध कर्मचारी-वर्ग सेवा नियमावली-2019' प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
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 वित्तीय वर्ष 2018-19 में लोक निर्माण विभाग में राज्य योजना (सामान्य) एवं स्पेशल कम्पोनेण्ट प्लान के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं हेतु एकमुश्त बजट व्यवस्था के अन्तर्गत प्रदान की गई स्वीकृतियों (बजट मैनुअल प्रस्तर-94) की स्थिति से मंत्रिपरिषद को अवगत कराया गया
 
वित्तीय वर्ष 2018-19 में लोक निर्माण विभाग में राज्य योजना (सामान्य) एवं स्पेशल कम्पोनेण्ट प्लान के अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं हेतु एकमुश्त बजट व्यवस्था के अन्तर्गत प्रदान की गई स्वीकृतियों (बजट मैनुअल प्रस्तर-94) की स्थिति से मंत्रिपरिषद को अवगत कराया गया। इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुदान संख्या-55 (भवन), अनुदान संख्या-56 (पूर्वांचल एवं बुन्देलखण्ड विकास निधि), अनुदान संख्या-57$83 (सेतु कार्य वृृहद परियोजना), अनुदान संख्या-58-83 (वृृहद परियोजना मार्ग कार्य), अनुदान संख्या-58 (मार्ग कार्य) एवं अनुदान संख्या-83 (स्पेशल कम्पोनेण्ट प्लान शत-प्रतिशत) में एकमुश्त बजट व्यवस्था के सापेक्ष प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति (लागत) बजट मैनुअल के प्रस्तर-94 में दिए गए प्राविधानों के अनुसार सक्षम स्तर के अनुमोदनोपरान्त कुल 714732.623 लाख रुपए (रुपए इकहत्तर अरब सैंतालिस करोड़ बत्तीस लाख बासठ हजार तीन सौ मात्र) की स्वीकृति लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्गत की गई है
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