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प्रतिभाशाली व्यक्ति राष्ट्र की अमूल्य सम्पदा होते हैं  -हृदय नारायण दीक्षित / जो लेखक हमेशा दिल से लिखता है वही विश्व विख्यात होता है :-ब्रजेश पाठक
August 18, 2019 • Sun India Tv News चैनल

विधानसभाध्यक्ष ने किया असाध्य का एक साधक पुस्तक का विमोचन

राम महेश मिश्र के जीवन पर प्रकाशित पुस्तक विमोचन में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक सहित अनेक गण्यमान लोग उपस्थित हुए

भाग्योदय फ़ाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं संस्थापक हैं राम महेश मिश्र

लखनऊ, 18 अगस्त। प्रतिभाशाली व्यक्ति राष्ट्र की अमूल्य सम्पदा होते हैं। मनीषा जगत के व्यक्तियों पर किसी भी समाज व देश के उत्थान की बड़ी जिम्मेदारी होती है। जिस समाज अथवा देश में श्रेष्ठ मनीषियों की तादाद ज्यादा होती है, वह समाज निरन्तर ऊँचा उठता चला जाता है। आज हमारे देश को अच्छे मनीषी लोकसेवियों की बड़ी आवश्यकता है।

यह बात आज सायंकाल विधानसभाध्यक्ष श्री हृदय नारायण दीक्षित ने हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के यशपाल सभागार में कही। वह भाग्योदय प्रकाशन द्वारा 'असाध्य का एक साधक: राम महेश मिश्र' शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक के विमोचन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। देश के जाने-माने आध्यात्मिक व सामाजिक लोकसेवी श्री राम महेश मिश्र के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं जीवन संघर्षों पर आधारित पुस्तक का विमोचन करने के बाद श्री दीक्षित ने कहा कि प्रहलादपुरी हरदोई में जन्मंे श्री मिश्र ने बीस वर्षों तक अपनी कर्मभूमि लखनऊ से गायत्री परिवार के जरिए राष्ट्र, धर्म एवं संस्कृति की अनथक सेवा की। उत्तराखण्ड से 12 वर्षों की देशसेवा के बाद वह भाग्योदय फ़ाउण्डेशन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर युवा शक्ति को संस्कारी एवं स्वावलम्बी बनाने हेतु जनजागरण का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने परमार्थ निकेतन ऋषिकेश एवं विश्व जागृति मिशन नयी दिल्ली के जरिए भी देश की सेवा की है।

 उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि किताब लिखना बहुत ही कठिन काम है जीवन की आपा धापी में लेखनी चलाना जुनून के समान है जो लेखक हमेशा दिल से लिखता है वही विश्व विख्यात होता है कम शब्दो मे अपनी पूरी बात कह देना एक कला है जो हर किसी मे नही होती है में राम महेश मिश्र जी को बधाई देत हूं जिन्होंने (असाध्य एक साधक पुस्तक )लिखी।

इस अवसर पर पूर्व आईएएस अधिकारी एवं गोमती एक्शन परिवार के चेयरमैन श्री जय शंकर मिश्र ने कहा कि श्री राम महेश मिश्र ने गायत्री परिवार के कार्यकर्ता के रूप में समाज के आम व खास हर वर्ग को तपस्वी गायत्री साधक आचार्य श्रीराम शर्मा की वैचारिक क्रान्ति से जोड़ा। लखनऊ में युग निर्माण योजना के कार्यों को आगे बढ़ाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने यू.पी.राजभवन एवं उ.प्र.सचिवालय सहित विभिन्न स्थानों को शान्तिकुन्ज के युग साहित्य से जोड़ा। प्रदेश के पंचायती राज निदेशक डाॅ0 ब्रह्मदेव तिवारी ने श्री राम महेश मिश्र के जीवन संघर्षों को केन्द्र में रखकर पुस्तक लेखन के लिए श्रीमती नीना अग्रवाल व श्री राकेश चन्द्र अग्रवाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि हरदोई के मूल निवासी श्री मिश्र उत्कट जीवट के धनी व्यक्ति हैं, उन्होंने जीवन की विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी सामाजिकता व समाजसेवा के धर्म को नहीं छोड़ा।

प्रख्यात लेखक, स्वतन्त्र स्तम्भकार व वैश्विक छवि के वरिष्ठ पत्रकार श्री के. विक्रमराव ने श्री राम महेश मिश्र को एक दृढ़संकल्पी एवं निष्ठावान राष्ट्रसेवक बताया और कहा कि आज हमारे देश में भारतीय संस्कृति के मूलभूत तत्वों की रक्षा व उनके विकास की चिन्ता करने वाले व्यक्तियों की कमी होती जा रही है। ऐसे में श्री मिश्र जैसे व्यक्ति आशा की एक किरण हैं। राष्ट्रीय कवि आचार्य देवेन्द्र देव ने श्री मिश्र के त्यागमयी जीवन की सराहना करते हुए कहा कि वह एक श्रेष्ठ वक्ता, लेखक, संगठक एवं श्रेष्ठ इन्सान हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि उनके माध्यम से राष्ट्र-विश्व में सनातन संस्कृति के विस्तार का बड़ा कार्य सम्पन्न होगा।

अपने हृदय के भावोद्गार व्यक्त करते हुए श्री राम महेश मिश्र ने कहा कि अपना आरम्भिक जीवन विभिन्न अभावों में गुजरने के बावजूद संग्रह अथवा स्वार्थ-लालसा की प्रवृत्ति उनमें कभी भी नहीं रही। महान तपस्वी महापुरुष एवं गायत्री परिवार के प्रणेता आचार्य श्रीराम शर्मा से दीक्षित होने के उपरान्त सारा का सारा जीवन 'लोक को समर्पित' होता गया। अपना प्रयास गृहस्थ में संन्यास को जीने का रहा है। श्री मिश्र ने कहा कि मेरा जीवन बेहद साधारण रहा है, हमने कभी इस तरह की पुस्तक के प्रकाशन के बारे में स्वप्न में भी नहीं सोचा था। उन्होंने अग्रवाल दम्पत्ति को देव दम्पत्ति की संज्ञा दी और पुस्तक लेखन एवं प्रकाशन के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। पुस्तक विमोचन के दौरान प्रदेश के निदेशक पंचायतीराज डाॅ. बीडीआर तिवारी भी कार्यक्रम के दौरान मौजूद रहे। 

महर्षि वेदव्यास उपदेशक महाविद्यालय नयी दिल्ली के प्राचार्य डाॅ0 सप्तर्षि मिश्र के संचालन में सम्पन्न हुए पुस्तक विमोचन समारोह का समापन श्रीमती नीना अग्रवाल द्वारा आभार अभिव्यक्ति के साथ हुआ। इस अवसर पर श्री महाकालेश्वर तपोभूमि गुरुकुल वैदिक संस्कृत विद्यालय-गौशाला के प्रमुख वरिष्ठ संन्यासी सन्त स्वामी देवेन्द्रानन्द सरस्वती, यमुना रक्षक दल वृन्दावन के अध्यक्ष स्वामी जय कृष्ण दास, भाग्योदय फ़ाउण्डेशन के न्यासी स्वामी रवीन्द्र प्रताप, दिलीप कुमार नायक निदेशक अमित मोहन, राम कृष्ण मिश्र, डाॅ0 श्वेता श्रीवास्तव, प्रदीप गुप्ता 'लक्ष्मण', कर्मवीर त्रिपाठी, प्रमिल द्विवेदी, शिवाराम मिश्र के अलावा लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर-खीरी, उन्नाव, कानपुर, रायबरेली, एटा, मेरठ, नोयडा, हरिद्वार, ऋषिकेश, नयी दिल्ली, पंजाब, इत्यादि स्थानों से आए लोकसेवी कार्यकर्ता व परिजन भारी संख्या में उपस्थित थे।