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 पूर्व मुख्यमंत्री/ रक्षामंत्री रहे  सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव का अपने पुुराने साथी रामपुर के सांसद आज़म खान के खिलाफ धड़ाधड़ दर्ज होरहे मुकदमो सेे नाराज होकर भजपा केे खिलाफ जंग का एलान :-
September 3, 2019 • Sun India Tv News चैनल

समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव ने सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां के समर्थन में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा, 'आजम खां लंबे समय से गरीबों की लड़ाई लड़ते आए हैं। उन्होंने हमेशा गरीबों की मदद की है और आज उनपर तरह-तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। गरीबों की मदद करने वाला जालिम कैसे हो सकता है मुलायम सिंह ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन का मामला उछालकर आजम को फंसाने की कोशिश की जा रही है। आजम ने जौहर यूनिवर्सिटी चंदे के पैसे से खरीदी है। मुलायम सिंह ने मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए फिर सवाल खड़ा किया कि 2 बीघा जमीन के लिए 27 मुकदमे क्यों दर्ज करा दिए गए? मुलायम ने आजम पर दर्ज मुकदमों को बेबुनियाद और साजिश करार दिया। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं से आजम के समर्थन में आने की अपील भी की।

लखनऊ, समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने बीजेपी सरकार को बड़ी चुनौती देते हुए उसके खिलाफ आंदोलन चलाने की बात की है।

मुलायम सिंह यादव ने आजम खान के प्रकरण को लेकर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं से संघर्ष करने का आह्वान किया है उन्होंने कहा कि अगर सरकार नहीं चेती तो बहुत जल्द आजम खां पर हो रहे अत्याचार को लेकर आंदोलन किया जाएगा।

बताते चलें कि आजम खां पर जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े और कई अन्य मामलो में प्रशासन की ओर से 70 से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।  मुलायम व आजम खां की दोस्ती तीन दशक से ज्यादा पुरानी है। बीच में आजम खां जरूर कुछ समय के लिए सपा से अलग हो गए थे लेकिन वह किसी दल में  नहीं गए थे।

उन्होनें कहा कि आजम पर गलत तरीके से केस दर्ज किए गए. उनके ऊपर बेबुनियाद जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए. आजम ने गरीबों की लड़ाई लड़ी. चंदे के पैसे से जौहर यूनिवर्सिटी बनाई, जिसमें देश-विदेश के छात्र पढ़ते हैं. हम इस कार्रवाई के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन चलाएंगे ।

 अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद मुख्य धारा से दूर रहे मुलायम सिंह यादव पार्टी कार्यालय पर की प्रेस कांफ्रेंस मुलायम सिंह यादव ने दो साल बाद प्रेस कांफ्रेंस की है।

मुलायम सिंह यादव ने दो साल बाद प्रेस कांफ्रेंस की है। आजम पर प्रशासन के बढ़ते दबाव को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा है। वैसे मुलायम सियासी तौर पर अब कम सक्रिय हैं। बढ़ती उम्र व बीमारी के कारण वह लोकसभा चुनाव में भी ज्यादा जगह प्रचार पर नहीं जा सके। माना जा रहा है कि वह अपने भाई शिवपाल यादव को सपा में लाने व उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दिलाने के इच्छुक हैं। शिवपाल अपनी अलग पार्टी बना कर लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उनके इस कदम से ही सपा फिरोजाबाद जैसी अपने कब्जे वाली सीट हार गई थी। सपा बसपा गठबंधन से असहमति जता चुके मुलायम सिंह ने बरसों पुरानी अदावत भुलाते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ मंच शेयर कर और उनकी तारीफ की थी।

अंत में मुलायम सिंह यादव ने पत्रकारों से  कहा कि आजम खां पर हो रहे थे अत्याचारों की लड़ाई के खिलाफ पत्रकारों को लिखना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर आप लिखेंगे तो जनता उस पर विश्वास करेंगी।