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उत्तर प्रदेश में उप खनिज ले जारहे वाहनों में ओवर लोडिंग पाये जाने पर अब वाहन और पट्टा धारक दोनों संयुक्त रूप से जिम्मेदार, देना होगा 25 हजार रुपये जुर्माना -डाॅ0 रोशन जैकब
September 5, 2019 • Sun India Tv News चैनल

 

अब अगर अब उप खनिज ले जारहे वाहन में परिवहन प्रपत्र ( एम एम11) में अंकित  उप खनिजों में अंतर मिला तो वाहन और पट्टा धारक दोनों ही होंगे दण्ड के भागीदार :-डॉo रोशन जैकब निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश।

लखनऊ, दिनांकः 05 सितम्बर, 2019

उत्तर प्रदेश सरकार ने खनिजों के ओवरलोडिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। पट्टेदार भारत सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार अपने अनुमोदित पट्टा क्षेत्र में खनिजों की लोडिंग नियमानुसार करने हेतु बाध्य होगा। इसके उल्लंघन पर प्रत्येक चूक के लिए 25 हजार रुपये के जुर्माने का प्राविधान किया गया है।

ये जानकारी भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की निदेशक, डाॅ0 रोशन जैकब ने आज यहां दी। उन्होंने इस सम्बंध में समस्त जिलाधिकारियों को भेजे गये परिपत्र में कहा है कि पट्टाधारक/भण्डारण/अनुज्ञप्तिधारक का दायित्व है कि उद्गम स्थल पर निर्धारित मात्रा के अनुसार ही अब उप खनिजों की लोडिंग सुनिश्चित करेंगे तथा उसी के अनुरूप ही परिवहन प्रपत्र भी जारी करेंगे। उन्होंने बताया कि निर्धारित मात्रा से अधिक उप खनिजों की लोडिंग किये जाने पर पट्टाधारक का पूर्ण उत्तरदायित्व होगा और उसके विरूद्ध 25 हजार रूपये का दण्ड अधिरोपित किया जायेगा।

डाॅ0 जैकब ने बताया कि उद्गम स्थल के अलावा परिवहन मार्ग में यदि उप खनिज लदे वाहनों में परिवहन प्रपत्र में उप खनिज की अंकित मात्रा और परिवहन किये जाने वाली मात्रा में अन्तर पाया जाता है, तो परिवहनकर्ता एवं सम्बंधित पट्टाधारक का संयुक्त उत्तरदायित्व निर्धारित किया जायेगा। इसके आधार पर परिवहनकर्ता पर एवं सम्बंधित पट्टाधारक पर 25 हजार रुपये का दण्ड होगा।

भूतत्व खनिकर्म निदेशक, डाॅ0 जैकब ने बताया कि बिना परिवहन प्रपत्र उप खनिजों का परिवहन करते हुए यदि कोई वाहन पाया जायेगा तो इस सम्बंध में पहले दिये गये निर्देशों के अनुसार इसे सरकारी सम्पत्ति की चोरी मानी जायेगी। उन्होंने बताया कि इस प्रकार परिवहनकर्ता व परिहारधारक/पट्टाधारक के खिलाफ नियमानुसार आईपीसी तथा लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कार्यवाही की जायेगी